मन को शांत,शरीर को स्वस्थ और अच्छे विचार की उत्पत्ति का नाम है योग –यतेंद्र सागर –!

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मन को शांत,शरीर को स्वस्थ और अच्छे विचार की उतपत्ति का नाम है योग –यतेंद्र सागर –!
देवरिया टाइम्स -संतोष विश्वकर्मा

देवरिया- चल रहे योग शिविर के तीसरे दिन बच्चो से कराया गया अभ्यास, बढ़ती शिक्षा में योग को स्थान देने में देवरिया के (जीआईसी) गवर्मेंट इंटर कालेज जो प्रधानाचार्य -पी.के शर्मा जी ने सबसे पहले अपने यहाँ छात्र -छात्राओ को योग प्रशिक्षण के लिए एक हप्ते का योग शिविर लगवाया गया है जहा योग के बारे में जानकारी दिलाने के लिए योगाचार्य यतेंद्र सागर जी और साथ में शैलेन्द्र कुमार जी को बुलाया गया है जहा इस शिविर में बच्चो को योग की जानकरी देने के साथ साथ योग की सारी क्रिया को करने अभ्यास कराया जा रहा है–!

जहा योगाचार्य यतेंद्र सागर और शैलेन्द्र कुमार आज योग कितने प्रकार के होते है इसकी जानकारी दी –!
01 – मंत्र योग – जिसका अर्थ -मातृ कादियुक्त मंत्र को १२ वर्ष तक विधि पूर्वक जपने से अणिमा आदि सिद्धियाँ साधक को प्राप्त हो जाती है।

2. लययोग -जिसका अर्थ दैनिक क्रियाओ को करते हुए सदैव ईश्वर का ध्यान करना लययोग होता है ।

3 . हठ योग :- विभ्भिन मुद्राओ, आसनो प्राणायामों एवं बँधो के अभ्यास से शरीर को निर्मल एवं मन को एकाग्र करना हठयोग होता है।

4. राजयोग : यम – नियमादि के अभ्यास से चित्त को निर्मल कर ज्योतिर्मय आत्मा का साक्षात्कार करना राजयोग कहलाता है । राजयोग शब्द राज्र दीप्तौऊ धातु से उत्पन्न हुआ है । राज का अर्थ है दीप्तिमान, ज्योतिर्मय तथा योग का अर्थ है समाधी अथवा अनुभूति है ।

इसी पाठशाला के साथ आज शिविर का तीसरे दिन रहा जहा योग शिविर में छात्रों को भाग में योग की जानकारी दिया जा रहा है पहला सुबह 11बजे से 12बजे तक फिर दूसरा शाम 4बजे से 5बजे तक, एक-एक घंटे की योग क्लास चला कर बच्चो को योग विद्या दिया जा रहा है, जिसे बच्चो की शिक्षा के साथ-साथ वो अपने परिवार में एक अच्छी जानकारी दे सके और स्वयं योग करे और अपने घर वालो को भी शिखा सके ।

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