फिजिकल डिस्टेंसिंग के साथ लगाए गए टीके, पिलाए गए ड्राप

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देवरिया टाइम्स
लॉकडाउन के कारण ठप पड़ी सामुदायिक गतिविधियां धीरे-धीरे गति पकड़ने लगी हैं। जिले में ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस (वीएचएनडी) के आयोजन मई माह से शुरू हो गए हैं। बुधवार को ग्रामीण इलाकों में वीएचएनडी के आयोजन हुए जिनमें स्वास्थ्य विभाग के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यकर्ताओं ने भी सक्रिय प्रतिभागिता किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों का पूरा ध्‍यान दिया गया, विभिन्‍न केन्‍द्रों पर भारी संख्‍या में गर्भवती तथा धात्री महिलाएं अपने बच्‍चों को लेकर टीकाकरण के लिए पहुंचीं और खुद तथा बच्‍चों को टीका लगवाया।


जिले के एएनएम सब सेंटर्स में कोविड 19 प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए गर्भवती व बच्चों को टीके लगाये गए। इस दौरान जिले के हॉट स्‍पॉट क्षेत्रों को छोड़कर अन्‍य स्‍थानों पर सत्रों का आयोजन किया गया। बैतालपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत अरईपार में एएनएम लक्ष्मी यादव , ज्योति भास्कर, आशा नीलम पटेल और आंगनबाड़ी मालती देवी, इंदू सिंह ने फिजिकल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए बच्चों और गर्भवतियों का टीकाकरण किया। रवि, दिव्यांश, हिमांशु, किंजल, सोनी, अनुज सहित 20 से अधिक बच्चों और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया गया। इस दौरान एएनएम, आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूरी तरह से कोविड के प्रोटोकाल का अनुपालन करते हुए दिखे। वीएचएनडी में शामिल होने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मी को आवश्यक रूप से मॉस्क धारण करने और हाथों में दस्ताने पहनने के दिशा-निर्देश है। एएनएम लक्ष्मी यादव बताती हैं कि उपकेंद्रों और आंगनबाडी केंद्रों में आने वाले लाभार्थियों को भी समझाया गया था कि चेहरे पर मॉस्क लगा कर या फिर कपडा बांधकर ही टीकाकरण के लिये पहुंचे। ऐसा न करने पर टीकाकरण संभव नहीं हो पायेगा। इसके साथ ही एक दूसरे से कम से कम दो गज की दूरी पर ही खडें हों।

प्रोटोकॉल के साथ हो रहा टीकाकरण

सीएमओ डॉ आलोक पांडेय ने बताया एएनएम उपकेंद्रों पर आने वाले लाभार्थियों को भी समझाया गया है कि वह चेहरे पर मॉस्क लगा कर या फिर कपडा बांधकर ही टीकाकरण के लिये पहुंचे। शासन स्तर से टीकाकरण के दौरान कोविड प्रोटोकाल के लिए जरूरी दिशा निर्देश दिये जा चुके है। इसके साथ ही वीएचएनडी में शामिल होने वाले सभी स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक रूप से मॉस्क धारण करने और हाथों में दस्ताने पहनने के निर्देश है। टीकाकरण केंद्रों तक आने वाले लाभार्थियों को भी सावधानी संबंधित सलाह दी गई है।

सप्ताह में दो दिन होता है आयोजन

सप्ताह में दो बार बुधवार और शनिवार को वीएचएनडी का आयोजन किया जाता है। इसमें एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की अहम भूमिका रहती हैं। इसके अलावा ग्राम प्रधान से लेकर ब्लाक स्तर के अधिकारियों का भी सहयोग रहता है। वीएचएनडी में गर्भवती, किशोरियों और बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधित मुद्दों पर चर्चा होती है।

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