यूपी:योगी सरकार का ऐलान, अब विधायक निधि से स्थापित हो सकेंगे ऑक्सीजन प्लांट

विज्ञापन


लखनऊ/देवरिया टाइम्स
कोरोना महामारी के खिलाफ जंग लड़ने में अब यूपी के विधायको की क्षेत्र विकास निधि की एक बार फिर से अहम भूमिका रहेगी। अब विधायक भी अपनी निधि से कोरोना के बचाव के लिए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने से लेकर वेंटिलेटर व आरटी पीसीआर जांच के लिए जरूरी उपकरण व मशीनें खरीद सकते है। इतना ही नहीं राज्य स्तरीय कोविड केयर फंड में विकास निधि से धनराशि देने की संस्तुति भी कर सकते हैं।

यूपी सरकार के ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने बताया कि गत वर्ष कोरोना संकट के चलते विधायक निधि निरस्त कर दी गई थी। इस वर्ष विधायक निधि महामारी के प्रकोप से जनता को बचाने में कारगर सिद्ध हो इसलिए 25 लाख रुपये व्यय करने की सीमा शिथिल की गई है। अब विधायक अपनी निधि से चाहे जितनी धनराशि व्यय कर सकते हैं। बदली व्यवस्था 31 मार्च 2022 तक अनुमन्य होगी।

आपको बताते चले कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के कई मंत्रियों समेत कुछ विधायकों ने अपनी विधायक निधि से कोरोना बचाव के लिए एक करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की है। विधायक निधि से जिन कार्यों के लिए धनराशि व्यय की जा सकती है, उसमें निम्न लिखित मदों को शामिल किया गया है…


1.आईसीयू वेंटिलेटर तथा बाईपैप की खरीद।
2.सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कालेजों में आक्सीजन प्लांट स्थापित करना।
3.ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए पाइप लाइन व वितरण प्रणाली संयंत्र की स्थापना।
4.ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर क्रय किया जाना।
5.जिले की जरूरत के अनुसार आक्सीजन प्लांट स्थापित करना।
6.आरटी-पीसीआर जांच के लिए मशीन व अन्य उपकरण की खरीद।
7.ऑक्सीजन सिलेंडर खरीद।
8.सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कालेजों में अतिरिक्त बेडस खरीद।
9.राज्य स्तरीय कोविड केयर फंड में निधि से धनराशि प्रदान करना।
शासनादेश किया गया जारी : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोविड मरीजों की जांच तथा इलाज के लिए ऑक्सीजन, बेड्स आदि का इंतजाम विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि से कराने का रास्ता खोल दिया है। इसके लिए निधि के मार्गदर्शी सिद्धांतों में संशोधन कर दिया गया है। विधायक अपनी निधि की धनराशि कोविड की टेस्टिंग, स्क्रीनिंग, ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना, ऑक्सीजन के लिए पाईपिंग, ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ ही सरकारी अस्पतालों तथा राजकीय मेडिकल कालेजों में बेड की स्थापना पर खर्च कर सकेंगे। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास के रविंद्र नायक ने इस आशय का शासनादेश जारी किया है। शासनादेश की प्रति सभी जिलों के जिलाधिकारियों को भेजी गई है।


भारत सरकार से स्वीकृत मूल्यों पर होगी खरीद : विधायकों के प्रस्ताव पर जिले के सक्षम अधिकारियों द्वारा उपकरणों तथा सुविधाओं की खरीद की जाएगी। ये खरीद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मूल्यों अथवा पारदर्शी प्रक्रिया तथा वित्तीय हस्तपुस्तिका के अनुपालन के साथ किए जाएंगे। विधायक निधि से कोविड-19 के लिए सुरक्षात्मक उपकरणों की खरीद व उपयोग के लिए संरक्षक जिला चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को नामित किया गया है।

विज्ञापन

Multiple Slideshows

विज्ञापन:

विज्ञापन:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here