एमएलसी चुनाव: गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने लगाई जीत की हैट्रिक, अजय सिंह को हराया

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उत्‍तर प्रदेश विधानपरिषद की शिक्षक निर्वाचन गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र से शर्मा गुट के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने 1008 वोटों से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी अजय सिंह को हरा दिया है। उन्‍हें कुल 10227 मत मिले जबकि अजय सिंह को 9219 मत प्राप्‍त हुए। ध्रुव त्रिपाठी की जीत दूसरी वरीयता के मतों से हुई। 

गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन की मतगणना गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में शुरू हुई। देर रात तक चली मतगणना में मुख्य मुकाबला ध्रुव कुमार त्रिपाठी और अजय कुमार सिंह के बीच सिमटा दिखा। दोनों के बीच काटे की टक्कर दिखी। पहली वरीयता की गिनती में ध्रुव कुमार 854 वोटों से आगे रहे। प्रथम वरीयता के वोटों की गिनती शाम पांच बजे पूरी हुई। प्रथम वरीयता की गिनती में परिणाम न आने से शाम सात बजे आरओ टेबल पर द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती शुरू हुई। 

मतगणना के लिए 14 टेबल लगाए गए थे। मतगणना कर्मियों ने पहले वैध और अवैध मतों की छंटनी की। इसके बाद वैध मतों वाले मतपत्रों की 50-50 की गड्डी बनाई गई। गड्डी तैयार किए जाने के बाद प्रथम वरीयता के मतों की गिनती शुरू की गई। शाम को तकरीबन 5 बजे प्रथम वरीयता के मतों की गिनती पूरी की जा सकी। हर गड्डी की गिनती में ध्रुव कुमार और अजय सिंह के बीच कांटे की टक्कर देखी गई। वोटों का अंतर इतना कम था कि आगे रहने वाले ध्रुव त्रिपाठी के समर्थक खुशी मनाने की स्थिति में नहीं दिखे। समर्थकों के फोन पूरे समय बजते रहे। प्रथम वरीयता के मतों में लगातार दो बार से शिक्षक विधायक चुने गए ध्रुव कुमार त्रिपाठी आगे रहे। दूसरे स्थान पर अजय कुमार सिंह थे। प्रथम वरीयता के मतों की गिनती के बाद सर्वाधिक 8730 वोट जहां ध्रुव कुमार त्रिपाठी को मिला वहीं सबसे कम 58 वोट अनिल कुमार गौतम को मिला। 7876 वोट पाकर अजय सिंह जहां दूसरे नम्बर पर रहे वहीं राजीव यादव 3614 वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे। कुल 28802 वोटों की गिनती हुई। गिनती में 1277 अवैध वोट मिले। मतगणना स्थल पर डीएम गोरखपुर के. विजयेंद्र पांडियन, डीएम देवरिया अमित किशोर, अपर आयुक्त प्रशासन गोरखपुर अजय कांत सैनी, एडीएम वित्त एवं राजस्व राजेश कुमार सिंह तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी मौजूद हैं।

प्रथम वरीयता के मतों की गिनती के बाद रोकी गई मतगणना
प्रथम वरीयता के मतों की गिनती के बाद कर्मचारियों ने कुछ देर के लिए मतगणना रोक दी। करीब सात बजे द्वितीय वरीयता के मतों की गणना शुरू हो गई। दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती में भी कांटे की टक्कर दिख रही थी। ठिठुरन भरी रात में भी दोनों प्रत्याशियों के समर्थक डटे रहे। 

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