जिलाधिकारी ने ली अभ्युदय कोचिंग की क्लास, बताए सफलता के गुर


देवरिया टाइम्स।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह आज जीआईसी में राज्य सरकार द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क अभ्युदय कोचिंग योजना के अंतर्गत यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के विद्यार्थियों से रूबरू हुए। उन्होंने विद्यार्थियों को सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के गुर बताए।

जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे सबसे पहले खुद में यह आत्मविश्वास लाए कि उनका चयन इस परीक्षा में अवश्य होगा। बिना आत्मविश्वास के सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाना मुश्किल है। इसके साथ ही अनुशासन, नियमित अभ्यास, स्मार्ट स्टडी और सिलेबस के अनुसार प्रत्येक टॉपिक पर शार्ट नोट्स बनायें। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा के पुराने प्रश्न पत्रों का अध्ययन अवश्य कर लेना चाहिए। इससे पूछे जाने वाले प्रश्नों की प्रकृति को समझने में सहायता मिलती है।

जिलाधिकारी ने बताया कि तैयारी के दौरान टाइम मैनेजमेंट अत्यंत आवश्यक है। स्तरीय न्यूज़ पेपर का अध्ययन नियमित रूप से करना चाहिए। पढ़े गए तथ्यों को को-रिलेट करके याद रखना चाहिए। प्रत्येक महत्वपूर्ण घटनाओं के जितने भी आयाम हो सकते हैं, उन पर अपने स्वतंत्र दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए।

एग्जामिनेशन हॉल में प्रश्न को हल करते समय प्रश्न को ध्यान से पढ़ने के साथ कीवर्ड्स पर फोकस करना चाहिए। प्रश्न की प्रकृति को समझने का प्रयास करें और जो पूछा जा रहा है, उसी के अनुसार सधे हुए शब्दों में उत्तर दें।

जिलाधिकारी ने बताया कि सिविल सेवा में भाषा की उच्च स्तरीय समझ अत्यंत आवश्यक है। वर्तनी अशुद्धि नहीं होनी चाहिए। साथ ही लेखन का अभ्यास भी नियमित रूप से करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा में माध्यम कोई बाधा नहीं है। अब हिंदी भाषा में भी स्तरीय स्टडी मैटेरियल उपलब्ध है। टेक्नोलॉजी के विकास ने स्तरीय अध्ययन सामग्री सुदूर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचा दिया है।

इस दौरान विद्यार्थियों ने कई सवाल पूछे जिनका जवाब जिलाधिकारी ने देकर मार्गदर्शन किया। डीएम ने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि वे आगामी दिनों में विभिन्न विषयों पर क्लास लेकर मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे।

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