सलेमपुर लोकसभा के गांव में बनेंगे 75 अमृत सरोवर,सभी विकास खंडों में चयनित किये गए 5-5 सरोवर


देवरिया टाइम्स/सलेमपुर।आजादी के अमृत महोत्सव पर इस वर्ष सलेमपुर लोकसभा में 75 अमृत सरोवर को बनाने का लक्ष्य है। चिन्हित किये गए सरोवर ग्रामीण छेत्र में बनेगे। सरोवर के विकास और निर्माण में सांसद निधि, विधायक निधि,विधान परिषद सदस्य निधि,छेत्र पंचायत,ग्राम पंचायत,जिला पंचायत में उपलब्ध वार्षिक बजट के साथ मनरेगा योजना,भूमि संरक्षण विभाग,वन विभाग,उद्यान विभाग और समर्थवान इक्षुक व्यक्तियो से सहयोग लिया जाएगा।

सरोवरों के चयन करने में पुराने मन्दिरो के पास स्थित तालाबो,हाट बाजार या मेला स्थलों के पास मौजूद तालाबो,प्राइमरी स्कूल के नजदीक स्थित तालाबो, गांव के बाहर स्थित तालाबो या फिर सार्वजनिक सड़को के किनारे स्थित तालाबो को प्रथम चरण में चयनित किया जाना है जहाँ लोग सुगमता से पहुँच सके सुबह शाम वहाँ बैठ सके।


इन सरोवरों के विकास में पहले तालाबो की सफाई होगी,तालाबो को गहरा किया जाएगा,तालाबो के चारो तरफ 1.5 मीटर चौड़ा रिंग बांध बनेगा जिस पर वॉकिंग ट्रैक,बैठने की बेंच और रेलिंग भी लगेगी। रात में तालाब की छटा निराली लगे इसके लिए चारो तरफ स्ट्रीट लाइट भी लगाने का प्रस्ताव है। बरसात का पानी तालाब के अंदर आ सके उसके लिए चारो दिशाओ से पाइप डाली जाएगी , बांध के ऊपर ट्री गार्ड के साथ सूंदर फूल के पेड़ लगेंगे। तालाब में निरंतर स्वच्छ पानी रहे इसके लिए एक पंप हाउस और लोग आसानी से इसमें नहाए या तैराकी कर सके उसके लिए 60-70 फिट की दूरी में स्नान घाट और सीढ़िया भी बनेगी। तालाबो का निर्माण पूर्ण होने के बाद सभी तालाब में पैंडल बोट के भी प्रबध की योजना बनाई गई है।
तालाबो के चयन के पश्चात इसका निर्माण प्रारम्भ करने के लिए मई महीने में सरोवर विकास संचालन समिति की बैठक होगी जिसमें मा विधायक,जिला पंचायत के अध्यक्ष,सभी ब्लॉक प्रमुख, जिस गांव में सरोवर का निर्माण होना है उस ग्राम पंचायत के प्रधान और आर्थिक रूप से सहयोग करने वाले व्यक्ति और संस्था के साथ जिला अधिकारी,मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी,जिला उद्यान अधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारी आमंत्रित है।


** अमृत सरोवरों का निर्माण पूर्ण होने के बाद इन अमृत सरोवर को गोद लेने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जाना है। यदि कोई संस्था अथवा समर्थवान व्यक्ति या सरकारी विभाग इसको गोद लेने और इसको सुरक्षित रखने और संचालित करने के लिए अपनी इक्षा व्यक करेगा तो निर्धारित शर्तो के साथ संबंधित ग्राम पंचायत के माध्यम से उसको एक निर्धारित अवधि के लिए सरोवर को गोद दिया जा सकता है न गोद लेने की दशा में ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत दोनों मिलकर इन सरोवरों के संरक्षण करने का काम करेगी।

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