रेल टिकटों की दलाली करने वाला एक गिरफ्तार

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देवरिया टाइम्स




प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार सिंह, उप निरीक्षक सुरेश चंद्र पाण्डेय, स.उ.नि. मनोज कुमार सिंह, स.उ.नि. बृजसुन्दर, कान्स. विजय प्रताप सिंह, कान्स. अक्षय पासवान सभी रे.सु.ब. पोस्ट /कप्तानगंज व उप निरीक्षक संजय कुमार राय, स.उ.नि. दिलीप कुमार सिंह, कान्स. सुनील यादव, कान्स. अमित कुमार सिंह/सभी अ.आ.शा./भटनी द्वारा उच्चाधिकारियों से प्राप्त निर्देशानुसार ई टिकट दलालों के विरुद्ध अभियान के दौरान मुखबिर खास की सूचना के आधार पर काली मंदिर छोटा टोला सुमहा खोट, थाना- कप्तानगंज, जिला- कुशीनगर से अवैध रूप से रेल ई – टिकट दलाली के संबंध में 01 व्यक्ति सुनील कुमार राजभर s/o पूर्णवासी राजभर, r/o छोटा टोला सुमहा खोट, थाना- कप्तानगंज, जिला- कुशीनगर, उम्र- 33 वर्ष को फ़र्ज़ी IRCTC पर्सनल यूजर ID का इस्तेमाल करके ई टिकट का अवैध कारोबार करता पाकर समय – 12.40 बजे गिरफ्तार किया गया। जिसके कब्जे से 20 अदद तत्काल ई टिकट कीमत – 53023.91 रुपये (आगे की तिथियों के 02 अदद तत्काल व 04 अदद सामान्य कीमत 5552/- रुपये व पीछे की तिथियों के 11 अदद तत्काल व 03 अदद सामान्य कीमत 47471.91/- रुपये ) जप्त किया गया । उक्त अभियुक्त द्वारा 46 अदद IRCTC पर्सनल यूजर ID व प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर SPARK_PRO, Real mango (दोनों पेड वर्जन), Quick tatkaal का इस्तेमाल करना पाया गया, जिसका लिंक उसके पास से बरामद व जप्त लेनोवो लैपटॉप व 02 अदद मोबाइल से प्राप्त हुआ। पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्त सुनील कुमार राजभर द्वारा बताया गया कि वह हुडी राजपालया, 7th क्रॉस ग्राउंड फ्लोर, नियर- बाबू स्टोर, थाना- माधोपुर, बेंगलुरु (कर्नाटक) में रहकर करीब 3 वर्षों से अवैध ई टिकट दलाली का कारोबार करता है। अभी करीब 35-40 दिन पूर्व ही अपने घर आया था तथा घर से ही जरूरतमंद व्यक्तियों से प्राप्त आर्डर के आधार पर अवैध रूप से तत्काल व सामान्य रेलवे ई टिकट बनाने व बेचने का कारोबार कर रहा था।

पकड़े जाने से बचने के लिए कोई स्थायी दुकार नही चलाता है। अधिक पैसा कमाने के लालच में पर्सनल यूजर आईडी बनाकर जरूरतमंद लोगों को तत्काल ई टिकट का ऑर्डर लेकर व टिकट बनाकर ₹500 से ₹800 अधिक लेकर उनको टिकट उपलब्ध कराता है। यह काम वह एक अन्य व्यक्ति धीरज कुमार सिंह s/o ओम प्रकाश सिंह, r/o विरवट कोनवनिया, थाना- तरैया सुजान, जिला- कुशीनगर के सहयोग से करता है। जो टिकट दलाली के साथ- साथ प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर SPARK_PRO, Real mango (दोनों पेड वर्जन), जो तत्काल रेलवे ई टिकट बनाने में बहुत उपयोगी है, का लिंक बेचने का काम भी करता है और वह स्वयं भी उसी से यह सॉफ्टवेयर खरीदकर इस्तेमाल करता है। दोनों द्वारा टिकट दलाली से प्राप्त लाभ को आपस में आधा- आधा बांट लिया जाता है। उक्त के संबंध में रेसुब पोस्ट कप्तानगंज पर रेल अधिनियम की धारा- 143 के तहत मुअसं.- 170/2020 सरकार बनाम सुनील कुमार राजभर आदि दि. 09.09.2020 पंजीकृत किया गया है। मामले की जांच उनि सुरेश चंद्र पाण्डेय/रेसुब/पोस्ट/कप्तानगंज द्वारा की जा रही है।

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