देवभूमि देवरिया में योग की अलख जगा रहे है यतेन्द्र सागर

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देवरिया टाइम्स:

देवभूमि देवरिया के गौरीबाजार क्षेत्र के रतनपुर अन्हारीबारी गांव निवासी यतेन्द्र सागर विश्वकर्मा एक हौसले का नाम है। पतंजलि योग पीठ हरिद्वार से योग का प्रशिक्षण लेने के बाद समाज में योग शक्ति के माध्यम से बदलाव लाने का संकल्प लिया और आज पिछले एक दशक से जिले में अपने योग विधा के माध्यम से समाज को निरोग बनाने और सभी वर्गो को योग प्रशिक्षण देने का कार्य रहे है। इन्होने संत बिनोवा पीजी कालेज से स्नातक करने के बाद हरिद्वार स्थित पतंजलि योग पीठ में योग गुरु रामदेव के सानिध्य में 10 सालों तक योग प्रशिक्षण लिया त्पश्चात निस्वार्थ योग सेवा में लग गए ।

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कई लोगों को योग से बनाया निरोग

यतेन्द्र सागर ने अपने योग प्रशिक्षण से कई लोगों को निरोग किया। जिले के विभिन्न क्षेत्रो के लोगों की शारीरिक समस्याओं जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, कमर दर्द, सिर दर्द, पीठ दर्द आदि बिमारियों को योग विधि से ठीक किया। लंगड़ी गांव के निवासी शिक्षक सुग्रीव विश्वकर्मा ने कपालभाती व अनुलोम विलोम व सूर्य नमस्कार कर अपना वजन 15 किलोग्राम कम किया है। जिससे उनकी कई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी दूर हो गई है। वर्तमान में यतेंद्र सागर विश्वकर्मा जिले के गड़ेर स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के योग वेलनेस सेंटर पर सहायक योग प्रशिक्षक के रूप में कार्य कर रहे है।

पिता को मानते है आदर्श

देवरिया टाइम्स से बात करते हुए यतेंद्र सागर ने बताया कि उनके पिता स्व गंगासागर विश्वकर्मा का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा है। वह अध्यात्म व योग से जुड़े थे तथा समाज सेवा में लगे रहते थे। बचपन में ही पिता की छत्रछाया में यतेंद्र सागर ने योग सीखना प्रारम्भ किया । हरिद्वार स्थित पतंजलि योग पीठ में योग गुरु रामदेव के सानिध्य में 10 सालों तक योग प्रशिक्षण लिया व योग सेवा की।

योग से सामाजिक बुराइयों को मिटाने का एक प्रयास

जिले के विभिन्न गांव, स्कूल, कॉलेज व शिक्षण संस्थाओं में आयोजित योग शिविर के माध्यम से योगाचार्य यतेन्द्र सागर समाज की कुरीतियों व बुराइयों जैसे दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या इत्यादि को जड़ से खत्म करने का शपथ दिलाते है । अब तक 350 से अधिक गांवों व शिक्षण संस्थाओं में योग का प्रशिक्षण दे चुके हैं। योग के आसन में बज्रासन, मंडूक आसन,शीर्षासन,गोमुख आसन व प्राणायाम में कपालभाती, अनुलोम-विलोम,भ्रामरी आदि कराते हैं। यतेन्द्र सागर का कहना है कि योग प्रदर्शन का नही अपितु आत्म दर्शन का विषय है। योग व्यक्ति के व्यक्तित्व में निखार लाता है और उसे योग्य बनता है। योगाचार्य यतेन्द्र सागर योग शिविरों में पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधे लगाना नहीं भूलते तथा अंधविश्वास पर करारा प्रहार भी करते है। स्वदेशी को महत्व देना और विदेशी कंपनियां कैसे प्रचार कर के हानिकारक प्रोडक्ट बेच कर लोगों का जेब खाली करती है तथा स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करती है इसके बारे में भी अनेक उदाहरण देकर बताते है। इसके अलावा यतेंद्र सागर के प्रक्षिशण एवं निर्देशन में ग्राम रतनपुरा के बालयोगी जिले में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में योग के अद्भुत करतब दिखाते है जो दर्शको का मन मोह लेते है।
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घर-घर योग शुरू होगा, देश विश्व गुरु बनेगा–!

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