लॉक डाउन का पालन अनिवार्य, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्यवाही:जिलाधिकारी

विज्ञापन

देवरिया टाइम्स
जिलाधिकारी अमित किशोर ने कोविड-19 महामारी नियंत्रण हेतु लागू देशव्यापी लाकडाउन के तहत जनपद में आगामी 31 मई तक पूर्णत: लाक डाउन को सख्ती से अनुपालन किए जाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि लाकडाउन के दिशा निर्देशों के उल्लंघन की दशा में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 तथा भारतीय दंड विधान की धारा 188 में दिए गए प्राविधानों के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी से इस लॉक डाउन का अक्षरश: पालन किए जाने तथा प्रतिबंधित क्रियाकलापों/ गतिविधियों का सख्ती से अनुपालन करना होगा।
जिलाधिकारी ने 31 मई तक लागू इस लाक डाउन के तहत प्रतिबंधित/निषेध गतिविधियों के पूर्ण विवरण ने बताया है कि समस्त स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक/ प्रशिक्षण/ कोचिंग/ संस्थान इत्यादि बंद रहेंगे। समस्त सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम तरण-ताल, मनोरंजन पार्क, थिएटर, बार एवं सभागार, समस्त सामाजिक/ राजनीतिक/ खेल/ मनोरंजन / शैक्षिक / सांस्कृतिक/ धार्मिक कार्यक्रम अन्य सामूहिक विधियां निषेध रहेगी। समस्त धार्मिक स्थल/पूजा स्थल बंद रहेंगे। धार्मिक जुलूस आदि पूर्णतया निषेध रहेंगे। सत्कार सेवाएं (हास्पीटिलीटी सर्विसेज) सिवाय उनके जो स्वास्थ्य कर्मियों, पुलिस एवं सरकारी अधिकारियों हेतु उपयोग में लाई जा रही हो अथवा लाक डाउन के कारण फंसे हुए पर्यटकों अथवा क्वॉरेंटाइन करने के उपयोग में लाई जा रही हो। बस डिपो, रेलवे स्टेशन पर चलने वाली कैंटीन इत्यादि तथा रेस्टोरेंट किचन को खाने/ खाद्य पदार्थों की केवल होम डिलीवरी करने की अनुमति होगी। दवा की दुकानों को छोड़कर समस्त दुकानें बंद रहेगी। आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई डोर टू डोर पूर्व की भांति होगी। सायं 7:00 बजे से सुबह 7:00 बजे तक किसी भी वाहन आदि (ड्यूटी में तैनात अधिकारियों/ कर्मचारियों को छोड़कर) का आवागमन निषेध रहेगा।
इसी क्रम में जिन गतिविधियों पर प्रतिबंध नहीं है उनके विवरण में जिलाधिकारी ने बताया है कि चिकित्सा व्यवसायी नर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मी एंबुलेंस को बिना किसी प्रतिबंध के साथ आवागमन की अनुमति होगी। समस्त प्रकार के माल/ परिवहन (खाली ट्रकों सहित) को अंतराज्यीय के परिवहन के आवागमन की अनुमति होगी। स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि, मत्स्य पालन, पशु पालन, वित्तीय एवं सामाजिक क्षेत्र की गतिविधियां पूर्व से ही सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अनुमन्य है, जो लागू रहेगी। आंगनबाड़ियों का संचालन मात्र डोर टू डोर सप्लाई हेतु अनुमन्य है। शिक्षण कार्य मात्र ऑनलाइन किए जाएंगे मनरेगा का कार्य फेस कवर एवं सोशल डिस्टेंसिंग के साथ अनुमन्य होगा। स्वनियोजित व्यक्ति यथा- इलेक्ट्रीशियन, आईटी रिपेयर, मोटर मैकेनिक एवं बढ़ई कार्य करने हेतु अनुमन्य होंगे। स्वनियोजित व्यक्ति अपना प्रशिक्षण/पंजीयन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेंगे। अप्रशिक्षित है तो नगरीय क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी एवं ग्रामीण क्षेत्र में खंड विकास अधिकारी इसकी तस्दीक कर उन्हें प्रमाण पत्र देंगे जोकि लाकडाउन प्रवर्तन अधिकारियों के मांगने पर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कंटेंटमेंट जोन के संबंध में बताया है कि जहां शहरी क्षेत्र में सिंगल केस है वहां पर 250 मीटर के रेडियस में अथवा पूरी मोहल्ला जो भी कम हो, एक से ज्यादा के केस होने पर कलस्टर की स्थिति में 500 मीटर के रेडियस में कंटेनमेंट जोन होगा तथा उसके उपरांत 250 मीटर में बफर जोन भी होगा। उन्होंने बताया है कि ग्रामीण क्षेत्र में जहां सिंगल केस है वहां पर राजस्व ग्राम का संबंधित मजरा यदि गांव में एक से अधिक केस (कलस्टर)है तो ऐसी स्थिति में संपूर्ण राजस्व ग्राम कंटेनमेंट जोन होगा। इस गांव के इर्द-गिर्द पडने वाले दूसरे राजस्व ग्रामों के मजरे बफर जोन में आएंगे। कंटेनमेंट जोन में केवल स्वास्थ्य विभाग, स्वच्छता के कार्य एवं डोर स्टेप डिलीवरी के कार्य की अनुमति होगी। कंटेनमेंट जोन में केवल चिकित्सक की आपातकालीन स्थिति एवं आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की पूर्ति को छोड़कर किसी भी व्यक्ति को अंदर बाहर की ओर आवागमन नहीं होगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि अनुमन्य कार्य के क्रियान्वयन में भीड लगता है या सोशल डिस्टेंसिंग की अवहेलना होती है तो ऐसे कार्य को पूर्ण बंद कराते हुए सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जाएगा। समस्त स्मार्टफोन धारक व्यक्तियों को आरोप सेतु एप डाउनलोड करके इंस्टॉल करना अनिवार्य है। कार्यस्थल पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के पास सेनीटाइजर और अपने चेहरे को ट्रिपल लेयर मास्क या गमछे से ढकेगा इसके साथ-साथ सभी कार्यालयाध्यक्ष का दायित्व होगा कि अपने कार्यालय में पर्याप्त मात्रा में सेनेटाइजर की व्यवस्था रखेंगे। सभी प्रकार के धार्मिक स्थल पूर्व की भांति बंद रहेंगे। वह प्रत्येक व्यक्ति पूजा-पाठ/ नमाज या अन्य धार्मिक उत्सव अपने घर के अंदर ही करेगा। कोई भी निजी चिकित्सालय संस्थान (किसी प्रकार की आयुष, ट्रेडिशनल मेडिसिल सम्मिलित करते हुए) तभी चलेंगे जब उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से कोविड़ बचाव की ट्रेनिंग ले ली होएवं बचाव के उपकरण आदि मंगवा लिए हो इनमें से किस एक भी बात अपूर्ण रहते हुए संचालन दंडनीय होगा।

विज्ञापन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here