शादी-विवाह पर रहेगी विशेष निगाह, प्रत्याशी प्रचार करते मिले तो समारोह का सारा खर्च जुड़ेगा प्रत्याशी के चुनाव खर्च में


देवरिया टाइम्स। विकास भवन के गांधी सभागार में विधानसभा चुनाव 2022 के दृष्टिगत व्यय अनुवीक्षण समिति, फ्लाइंग स्क्वायड टीम, स्थैतिक निगरानी टीम, मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति, वीडियो निगरानी टीम के लिए प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी टीमों को चुनाव से जुड़ी बारीकियों और उनके दायित्वों के संबंध में विस्तार-पूर्वक अवगत कराया गया।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी/ एडीएम (प्रशासन) कुँवर पंकज ने बताया कि कोई व्यक्ति चुनाव के दौरान पचास हजार रुपये की सीमा में नकद धनराशि लेकर चल सकता है। इससे अधिक की धनराशि नकद लेकर चलने पर व्यक्ति को साक्ष्य एवं उचित कारण बताना होगा।

     उन्होंने बताया कि किसी राजनीतिक दल के पदाधिकारी एक लाख रुपये की सीमा में नकद धनराशि लेकर चल सकते हैं, बशर्ते उन्हें पार्टी के कोषाध्यक्ष द्वारा प्रमाणपत्र दिया गया हो। उन्होंने बताया कि बिना उचित कारण एवं साक्ष्य के दस लाख रुपए से अधिक की धनराशि लेकर चलने पर पूरी धनराशि जब्त कर तत्काल आयकर विभाग के सुपुर्द की जाएगी।

अपर जिलाधिकारी (वि0 रा0) नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फ्लाइंग स्क्वायड एवं एसएसटी टीमें संपूर्ण जांच प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करेंगी और बरामद सामग्री को समय, स्थान का उल्लेख करते हुए संक्षिप्त विवरण के साथ सील करेंगी। जिस व्यक्ति की धनराशि जब्त की जा रही है, उसे एक रिसिविंग देंगे तथा जब्त की गई धनराशि को कोषागार में नियमानुसार जमा कराएंगे।

     अपर जिलाधिकारी (वि0रा0) ने बताया की शादी-विवाह सहित विभिन्न सामाजिक आयोजनों पर भी फ्लाइंग स्क्वायड को निगाह रखने की आवश्यकता है। यदि किसी सामाजिक आयोजन में कोई प्रत्याशी अपना प्रचार-प्रसार करता पाया जाता है तो शादी समारोह का संपूर्ण व्यय प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ने का प्रावधान है। वीडियो सर्विलांस टीम और फ़्लाइंग स्क्वायड टीम रैली, सभा और चुनाव प्रचार पर पैनी निगाह रखेंगी और आदर्श आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई करेगी। 
   अपर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि शादी-विवाह के सीजन में चेकिंग के दौरान आम-जन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। महिला यात्री के पर्सनल हैंडबैग की चेकिंग महिला पुलिस कर्मी की उपस्थिति में ही चेक की जाए।

वरिष्ठ कोषाधिकारी कुलदीप सरोज ने बताया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को लुभाने के लिए अनेक वितरण सामग्रियों जैसे शराब, साड़ी, कपड़े आदि का बड़ी मात्रा में परिवहन किया जाता है। यदि फ़्लाइंग स्क्वायड टीम तथा व्यय अनुवीक्षण टीम को जांच के दौरान ऐसी कोई सामग्री मिलती है जिसका वितरण चुनाव में होने का संदेह हो तो वे उसे सील कर सकते हैं।

  उन्होंने बताया कि जनपद की सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में फ्लाइंग स्क्वायड टीमें 8-8 घंटे के तीन शिफ्ट में काम करेंगी और एमसीसी के उल्लंघन की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही करेंगी।

प्रशिक्षण सत्र के दौरान नगर पालिका के ईओ रोहित सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी अनिल कुमार, जिला सूचना अधिकारी शांतनु श्रीवास्तव सहित व्यय अनुवीक्षण समिति, फ्लाइंग स्क्वायड टीम, स्थैतिक निगरानी टीम, वीडियो अवलोकन टीम, वीडियो निगरानी टीम एवं लेखाकरण टीम के सदस्य उपस्थित थे

नकद धनराशि ले जाते समय बरते सावधानी

उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुँवर पंकज ने बताया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं को धन वितरण रोकने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष चौकसी बरती जा रही है। असुविधा से बचने के लिए नकदी ले जाते समय आम-नागरिकों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई एटीएम से पैसा निकालता है तो एटीएम की पर्ची अपने पास रखे। यदि पर्ची नहीं निकल रही है तो वह मोबाइल पर आए मैसेज को प्रूफ के तौर पर सहेज कर रखें। बैंक से रकम निकालने के बाद विड्रॉल की फोटो कॉपी रखे। व्यक्ति अपनी अपडेटेड पासबुक भी रख सकते हैं। यदि किसी फर्म या कारोबारी से लेनदेन से संबंधित रकम है तो सभी आवश्यक वैध डॉक्युमेंट उपलब्ध कराने होंगे।

जब्त की गई सामग्री की वापसी के लिए कहां करे अपील

यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति के पास से नकद धनराशि अथवा किसी अन्य प्रकार की सामग्री जब्त की जाती है तो वह तीन सदस्यीय समिति के समक्ष अपील कर सकता है। मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि0रा0) तथा वरिष्ठ कोषाधिकारी की समिति प्रत्यावेदन पर नियम सम्यक विचार करने के उपरांत धनराशि/सामग्री वापसी की दिशा में कार्यवाही कर सकटी है।

वोट के लिए पैसा देना और लेना दोनों है दंडनीय अपराध

भारतीय दंड संहिता की धारा 171 (ख) और 171 (ग) के अनुसार चुनाव के दौरान वोट प्राप्त करने के उद्देश्य से धन एवं अन्य सामग्रियों का वितरण/प्राप्त करना दंडनीय अपराध है। इसके लिए जुर्माना अथवा 1 वर्ष तक की सजा अथवा दोनों का प्रावधान है।

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