प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई कार्यशाला


देवरिया टाइम्स

आजादी के 75 वें वर्ष के अमृत महोत्सव कार्यक्रम अन्तर्गत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को इसमें सम्मिलित किया गया है तथा इसके क्रियान्वयन हेतु माह जुलाई में इसे एक अभियान का रुप देते हुए कृषकों का अधिक से अधिक फसल बीमा कराये जाने एवं उन्हे लाभान्वित किये जाने के लिये इस कार्यक्रम को इसमें सम्मिलित किया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में विकास भवन के गांधी सभागार में प्रधानमंत्री फसल बीमा की एक कार्यशाला आयोजित की गयी। प्रगतिशील कृषकों को सम्मानित किया गया तथा मीनी किट का भी वितरण किया गया।


आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को अमृत महोत्सव कार्यक्रम में प्राथमिकता दी गयी है, जो हर्ष का विषय है। यह बीमा योजना आपदा से नुकसान की भरपायी कर कृषकों को संबल प्रदान करती है। गत वर्ष में इस योजना के तहत अच्छा कार्य सभी संबंधित विभागो के समन्वय से देखने को मिला है तथा कृषको को एतिहासिक मुआवजा मिला है। कृषि एवं बैंकर्स एतिहासिक कार्य किये है, इस वर्ष और अधिक प्रयास कर नया इतिहास के लिये कार्य करें व लम्बी छलांग लगाये, यह सभी विभागो के आपसी समन्वय से अवश्य ही संभव होगा। उन्होने कहा कि कृषकों के लिये संचालित इस महत्वपूर्ण योजना की किसी भी प्रकार संवेदनशीलता की कमी किसी भी स्तर से न होने पाये। जहां कही संवेदनशीलता का आभाव हो उसे बताये, ताकि उसमें सुधार लाया जा सके। क्राप कटिंग में सीडीओ समन्वय कराते हुए इसमें लिबरल अप्रौच अपनाये जाने कर जरुरत है ताकि कृषको को उनके क्षति/कम पैदावार की भरपायी हो सके।


जिलाधिकारी ने कहा कि बैंकर्स भी कृषक हित की योजनाओं में अच्छा कार्य कर रहे है। आगे भी उन्हे उसी मंशा से और बेहतर प्रगति लाये जाने के लिये कार्य किये जाने को कहा। उन्होने कृषक से भी अपेक्षा करते हुए कहा कि कृषि विभाग की संचालित योजनाओं का लाभ लेने के लिये वे जागरुक हो और उसका लाभ उठाये। जरुरतमंदो तक योजनाओं का लाभ पहुॅचे इसके लिये जागरुकता लाये जाने की जरुरत है। प्रगतिशील कृषक इसमें अपनी भूमिका निभायें जिससे कि अन्य कृषक भी योजनाओं के प्रति जागरुक हो सके। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 38193 कृषको ने बीमा कराये, 2.79 करोड की प्रीमियम धनराशि जमा हुई, जिसके सापेक्ष इससे अधिक बीमा कम्पनी द्वारा 2.96 करोड का मुआवजा धनराशि कृषको में वितरित किया गया। उन्होने कृषको से फसल बीमा योजना में किसी भी प्रकार की कठिनाइयो, दिक्कतो आदि के लिये टोल फ्री नम्बर 1800-889-6868 का प्रयोग किये जाने को कहा। यह निःशुल्क है और किसी भी प्रकार की बीमा से संबंधित समस्याओं का त्वरित समाधान किया जायेगा।
मुख्य विकास अधिकारी शिव शरणप्पा जी एन ने कहा कि फसल बीमा योजना का व्यापक प्रचार प्रसार आवश्यक है। इश्योरेन्स कम्पनी कृषको के प्रति संवदनशील हो, सकारात्मक सोच रखें और उन तक अधिकाधिक रुप से योजनाओं का लाभ पहुॅचाये। उन्होने कहा कि इस योजना से अधिक से अधिक जोडने हेतु लेखपालो व सचिवो की भी सहभागिता ली जायेगी।

उप निदेशक कृषि डा एके मिश्र ने फसल बीमा योजना के बिस्तृत विवरण देते हुए बताया कि 01 से 07 जुलाई तक विशेष अभियान तथा पूरे माह तक यह कार्यक्रम संचालित है कृषक बन्धु अधिक से अधिक इससे जुडे और इसका लाभ उठाये। जिला कृषि अधिकारी मो0 मुजम्मिल ने निर्धारित फसलवार, प्रीमियम दर की जानकारी दी। एग्रीकल्चर इश्योरेन्स कपनी आफ इंडिया लिमिटेड के प्रतिनिधि दीपक सिंह ने फसल बीमा योजना के दिशा निर्देशो एवं कार्य योजनाओं तथा गत वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी का स्वागत एकल पुष्प प्रदान कर डीडीकृषि, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी एवं प्रगतिशील कृषकों द्वारा किया गया।
आज जिन कृषकों को प्रशस्ति पत्र जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा सम्मानित किया गया उनमें प्रगतिशील कृषक श्रीराम यादव, शकुन्तला देवी, श्याम नारायण शुक्ला, गिरजा शंकर शुक्ला, महेश्वर सिंह सम्मिलित रहे। अग्रणी बैंक द्वारा कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्यो के लिये और एक कामन सर्विस सेन्टर तथा कृषि विभाग बरहज के एक कर्मी राधेश्याम को भी प्रशस्ति पत्र दिया गया। मीनी किट प्राप्त करने वालो में कमलेश त्रिपाठी, राधेश्याम त्रिपाठी, राजेश यादव, छेदी यादव, जयराम पटेल आदि सम्मिलित रहे।
इस कार्यशाला में कृषि विभाग सहित अन्य प्रगतिशील कृषक, मशरुम के प्रगतिशील कृषक स्वतंत्र सिंह, अन्य संबंधित जन आदि उपस्थित रहे।

spot_img

Similar Articles

Advertismentspot_img

ताजा खबर