विडियो काॅफ्रेंसिंग के माध्यम से आहूत की गयी वर्चुअल बैठक, दिये गये आवश्यक निर्देश


राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के तत्वावधान में जिला कारागार देवरिया में निरूद्ध बंदियों के संबंध में वर्चुअल बैठक की गयी तथा निरूद्ध बंदियों के संबंध में जानकारियाॅ ली गयी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया के सचिव न्यायाधीश आरिफ निसामुद्दीन खान द्वारा निर्देशित किया गया कि वैश्विक महामारी कोरोना (कोविड-19) के दौरान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ एवं उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेशों का जिला कारागार देवरिया में अक्षरशः पालन किया जायें। वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान जिला कारागार देवरिया के परिसर को निरंतर सेनेटाईज कराया जायें, निरूद्ध कैदियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया जाये, समय-समय पर हाथों को साबुन से धोया जायें, हमेशा मुॅह को मास्क से लगाये रखा जायें, कैदियों हेतु मीनू के अनुसार पौष्टिक आहार की व्यवस्था की जायें, कारागार के परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जायें। जिला कारागार देवरिया में रह रहें कैदियों की निरंतर स्वास्थ्य जाॅच करायी जाये, अस्वस्थ्य होने पर उन्हें अलग बैरक में रखा जायें। पात्रता के अनुसार निरूद्ध कैदियों वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव हेतु टीकाकरण कराने हेतु निर्देशित किया गया। महिला बैरक में साथ रह रहें बच्चों को मीनू के अनुसार पौष्टिक आहार के साथ-साथ दूध की व्यवस्था की जायें।

न्यायाधीश ने कहा कि यदि किसी बंदी को विधिक सहायता की आवश्यकता हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया में एक प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या का निस्तारण करा सकता हैं। यदि किसी बंदी को अपने मामलें में पैरवी की आवश्यकता हो तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर विधिक सहायता ले सकता हैं। विडियों काॅफ्रेंसिंग के माध्यम से राजकीय बालगृह देवरिया में रह रहें बच्चों के खान-पान, रहन-सहन एवं स्वच्छता बनाये रखने हेतु किया गया निर्देशित जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के सचिव न्यायाधीश आरिफ निसामुद्दीन खान द्वारा विडियों काॅफ्रेंसिंग के माध्यम राजकीय बालगृह देवरिया में रह रहे बच्चों के संबंध में जानकारियाॅ ली गयी। वर्तमान समय में राजकीय बालगृह में 27 बच्चे उपस्थित रहें। न्यायाधीश द्वारा बच्चों के खान-पान, रहन-सहन एवं स्वच्छता बनाये रखने हेतु निर्देशित किया गया तथा यह भी कहा गया कि बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जायें। वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान बच्चों को निरंतर काढ़े का सेवन कराया जायें तथा भोजन में पौष्टिक आहार दिया जायें। राजकीय बालगृह के परिसर को निरंतर सेनेटाईज किया जायें तथा मौसम के अनुसार दवा की छिड़काव भी की जायें। बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ मास्क लगवाया जायें।

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