यूनानी चिकित्सा पद्धति जीवन के लिए अनमोल वरदान


देवरिया टाइम्स

न्यू कालोनी के खरजरवा रोड स्थित एक हाल में गुरुवार की रात हकीम अजमल खां की जयंती यूनानी डे के रूप में मनाई गई। जिसमें यूनानी चिकित्सा के बारे में चर्चा किया गया।

मुख्य अतिथि डा. गौसुल आजम ने कहा कि यूनानी पद्धति इलाज की काफी पुरानी पद्धति है, जिसका लाभ आज पूरा विश्व उठा रहा है। यूनानी सिद्धांत के अनुसार मानव शरीर प्राकृतिक और बुनियादी तत्वों से निर्मित है। यह पद्धति मानव जीवन के लिए वरदान है, इसका पूरा श्रेय यूनानी पद्धति के जनक हकीम अजमल खान को जाता है। संबोधित करते हुए डा. जफर अनीस ने कहा कि हकीम अजमल खान के जन्मदिन को भारत सरकार नेशनल यूनानी दिवस के रूप में प्रतिवर्ष 11 फरवरी को मनाती है।

आज के दिन का सभी चिकित्सकों को इंतजार रहता है। डा. जेड हक ने कहा कि यूनानी चिकित्सा पद्धति प्राकृतिक एवं होलिस्टिक तरीके से प्रत्येक मरीज के व्यक्तिगत मिजाज के हिसाब से इलाज करती है। डा. रमेश ने कहा कि यूनानी पद्धति का शरीर पर कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं होता है। अत: वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जिदगी से उत्पन्न स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए सस्ती एवं सर्व सुलभ तथा अहानिकारक चिकित्सा पद्धति है। एमपी वर्मा ने कहा कि यूनानी चिकित्सा में टेबलेट इत्यादि के रूप में नेचुरल दवाओं का प्रयोग किया जाता है। यहां मुख्य रूप से डा. एमडी अंसारी, यासीन अंसारी, डा. हसन फहीम, डा. शाहिद जमाल, डा. मैनुद्दीन, डा. समी अख्तर, डा. इकबाल अंसारी, डा. आरिफ, डा.सरफराज, डा. एपी वर्मा डा. मनीष जोशी आदि ने संबोधित किया।

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