बिना खड़ंजा कराए धन निकालने के आरोप में खुदिया बुजुर्ग के पंचायत सचिव निलंबित, प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार पर रोक


देवरिया टाइम्स।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने प्राथमिक जांच में वित्तीय अनियमितता एवं गबन की पुष्टि के बाद विकासखंड बरहज के खुदिया बुजुर्ग ग्राम पंचायत के प्रधान विनीत सिंह के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार पर रोक लगा दी है और पंचायत सचिव को निलंबित करने का निर्देश दिया है। साथ ही आरोपों की उच्च स्तरीय जांच के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन भी किया है। समिति की अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक जिलाधिकारी द्वारा नामित ग्राम पंचायत के 3 सदस्यों द्वारा वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार का प्रयोग किया जाएगा।

ग्राम खुदिया बुजुर्ग के एक निवासी ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव द्वारा पीडब्ल्यूडी सड़क से राधेश्याम सिंह की सड़क तक बिना कोई कार्य कराए खड़ंजा मरम्मत मद का तिरालिस हजार रुपये निकाल लिया। इसके अतिरिक्त तीन स्ट्रीट लाइट व्यक्तिगत घरों पर लगाकर शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया। प्रधान द्वारा प्राथमिक विद्यालय में मानक विहीन निर्माणाधीन शौचालय पर ₹1,94,076 का व्यय भी किया जा चुका है।

जिलाधिकारी द्वारा उक्त आरोपों की प्राथमिक जांच कराई गई जिसमें आरोप की सत्यता की पुष्टि हुई। प्राथमिक जाँच रिपोर्ट के आधार पर प्रधान विनीत सिंह के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार का प्रयोग करने पर रोक लगा दी तथा ग्राम पंचायत सचिव अजीत विक्रम सिंह को निलंबित करने का निर्देश दिया। जब तक प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकारों पर रोक लगी रहेगी तब तक ग्राम पंचायत के सदस्यगण शकुंतला देवी, रामधनी एवं राकेश की सदस्यता वाली समिति वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार का प्रयोग करेगी।

जिलाधिकारी ने अग्रिम कार्यवाही के अंतर्गत एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी, अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग शामिल होंगे। प्रकरण की अंतिम जांच रिपोर्ट आने के पश्चात नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि शासकीय धन की बंदरबांट करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके विरूद्ध शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्यवाही की जाएगी।

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