जिलाधिकारी ने किया ए०ई०एस०/जे०ई० के उपचारात्मक/निरोधात्मक अन्तर्विभागीय प्रयासों/ क्रियाकलापों की समीक्षा

विज्ञापन

देवरिया टाइम्स

जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन द्वारा गूगल मीट के माध्यम से नियमित सायंकालीन समीक्षा बैठक में ए०ई०एस०/जे०ई० के उपचारात्मक/निरोधात्मक अन्तर्विभागीय प्रयासों/ क्रियाकलापों की समीक्षा की गयी। इस समीक्षा बैठक में समस्त अन्तर्विभागीय अधिकारियों की उपस्थिती में ए०ई०एस०/ जे०ई० से अधिक प्रभावित संवेदनशील ग्रामों की नवीन लिस्ट तथा उपचार केन्द्रों ई०टी०सी०/ पीकू सहित इन प्रभावित क्षेत्रों पर अतिरिक्त ध्यान देते हुए निरोधात्मक/उचारात्मक कार्यवाही हेतु विभागवार निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिये गये।


जिलाधिकारी श्री निरंजन ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (स्वास्थ्य विभाग) को निर्देर्शित किया कि वे वेक्टर जनित रोग से सम्बन्धित समस्त कार्यक्रम/ गतिविधि के पूर्व माइकोप्लान बना कर कार्यक्रम कराना सुनिश्चित करें । अतिसंवेदनशील ए०ई०एस०/ जे०ई से प्रभावित समस्त ग्रामों में ब्लाक स्तरीय टीम द्वारा रोग से बचाव संबंधी स्वास्थ्य शिक्षा एवं संवेदीकरण, प्रभावित संवेदनशील ग्रामों की ए०एन०एम०/ आशा को फीवर ट्रैकिंग तथा हाई ग्रेड फीवर के रोगियों को निकट ई०टी०सी०/सामु०/ प्रा०स्वा० केन्द्र तक एम्बुलेन्स के ही माध्यम से रेफरल हेतु प्रेरित / प्रशिक्षित करना सुनिश्चित करें। ब्लाक स्तरीय सामु०/ प्रा०स्वा० केन्द्र पर ज्वर रोगियों का परीक्षण कर आवश्यकता अनुसार ई०टी०सी० में भर्ती कर समुचित उपचार किया जाये तथा गम्भीर होने पर उचित कारण दर्शा कर ही रेफर किया जाये। समस्त ई०टी०सी० को 24×7 क्रियाशील रखा जाय तथा कोविड व अन्य कार्यक्रम में लगें ई०टी०सी० के मानव संसाधन को मुक्त कर ई०टी०सी० में एवं औषधि / उपकरणों की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित की जाये। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी / उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी समस्त ई०टी०सी० का भ्रमण करते हुए ई०टी०सी० की क्रियाशीलता मानव संसाधन एवं औषधि/ उपकरणों की शत-प्रतिशत उपलब्धता अनुश्रवण लिस्ट पर भरकर दो दिवस के अन्दर अवगत कराना सुनिश्चित करें । प्रभावित क्षेत्रों में जे०ई० टीका से छूटे हुए बच्चों को चिन्हित करते हुए नियमित /विशेष टीकाकरण अभियान के माध्यम से शत प्रतिशत टीकाकरण पूर्ण कराना । पेयजल के विसंक्रमण हेतु आशा के माध्यम से क्लोरीन टैबलेट का वितरण कराना सुनिश्चित करें। विभाग के द्वारा निर्देशित आई०ई०सी० / बी०सी०सी० कार्यक्रमों का आयोजन / संचालन सुनिश्च्ति किया जाये।


जिलाधिकारी ने इसी क्रम में शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है कि वे व्यक्तिगत स्वच्छता हेतु प्रत्येक बच्चे पर विशेष ध्यान देते हुए बच्चों को मिड डे मील भोजन के पूर्व तथा शौच के पश्चात साबुन से हाथ धोने हेतु अभ्यस्त कराया जाये। इस हेतु प्रत्येक विद्यालय पर आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करायें। बच्चों में स्वच्छ एवं साफ सुथरे ड्रेस में आने एवं व्यक्तिगत स्वच्छता की आदतों के विकास पर ध्यान दिया जाये। इसमें प्रोत्साहन हेतु इनके वार्षिक रिपोर्ट कार्ड में अलग से ग्रेड / नम्बर दिये जाने के लिये यथासम्भव विभागीय व्यवस्था / निर्देश जारी किये जायें। बच्चों को विशेषतः प्रातः एवं सायं के समय पूरे आस्तीन के कपड़े पहनने तथा मच्छरदानी के प्रयोग हेतु प्रेरित करें। शासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय समय पर प्राप्त होने वाले कार्यक्रम में अपेक्षित सहयोग सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (आई0सी0डी0एस0) को निर्देश दिया कि ए०ई०एस० से प्रभावित अधिकांश बच्चे/ रोगी कुपोषित पाये जाते हैं, विभाग के माध्यम से कुपोषण दूर करने हेतु विशेष प्रयास किये जायें। आंगनवाड़ी केन्द्रों के क्रियाशीलता एवं गुणवत्ता बनाये रखते हुए आंगनवाड़ी कर्मियों को ए०ई०एस० / जे०ई० रोग के प्रति समय समय पर प्रशिक्षित / जागरूक किया जाये। शासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय समय पर प्राप्त होने वाले कार्यक्रम में अपेक्षित सहयोग प्रदान करें। जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकान्त राय द्वारा अवगत कराया गया कि ० से दो वर्ष तक जे०ई० टीकाकरण से छुटे हुये बच्चो की सूची स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा दी गयी हैं। गूगल मीट के माध्यम से समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर एवं आगनवाणी कार्यकत्री का ए०ई०एस० / जे०ई० संवेदीकरण कराया जाना हैं।


श्री निरंजन ने जिला पंचायत राज अधिकारी (पंचायत राज विभाग) को निर्देशित किया है कि वे ए०ई०एस० / जे०ई० से सर्वाधिक संवेदनशील ब्लॉक के ग्राम पंचायतों में साफ सफाई, मच्छर जनित परिथितियों (ठहरे हुये पानी एवं जल जमाव वाले स्थल) के विनष्टिकरण कराना सुनिश्चित करें। ग्राम प्रधानों के माध्यम / सहयोग से सामुदायिक स्वच्छता के लिये विभिन्न उपाय करना, ग्राम में फागिंग / एटी०लार्वा छिड़काव नियमित रूप से करायी जाये, इस हेतु ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता समिति के अन्तर्गत उपलब्ध धनराशि का प्रयोग करें। पंचायती राज विभाग द्वारा अग्रिम कार्ययोजना बनाकर सम्बन्धित ब्लॉक के प्रभारी चिकित्साधिकारी को पूर्व में ही उपलब्ध करा दें। स्वच्छ पेयजल हेतु समस्त उपायों का रखरखाव एवं कियाशील बनाना सुनिश्चित करें। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा अवगत कराया कि अतिसंवेदनशील ए०ई०एस० /जेई से प्रभावित 50 ग्रामों में पेयजल विसंक्रमण हेतु 20-20 एच02एस०वायल परीक्षण हेतु उपलब्ध करा दिया गया हैं शेष में मण्डल मुख्यालय से मिलने पर उपलब्ध करा दिया जायेगा ।
जिलाधिकारी ने समस्त नगरपालिका /नगर पंचायत को निर्देशित किया है कि वे नगर क्षेत्र के वार्डो में साफ सफाई, मच्छर जनित परिथितियों (ठहरे हुये पानी एवं जल जमाव वाले स्थल) के विनष्टिकरण, सफाई नायक/ निरीक्षक के माध्यम से सामुदायिक स्वच्छता के लिये विभिन्न उपाय कराना सुनिश्चित करें तथा नगर क्षेत्र के वार्डो में फागिंग/ एटी०लाव छिड़काव नियमित रूप से करायी जाये। नगरपालिका /नगर पंचायत द्वारा अग्रिम कार्ययोजना बनाकर सम्बन्धित ब्लॉक के प्रभारी चिकित्साधिकारी को पूर्व में ही उपलब्ध करा दें।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा अवगत कराया कि जनपद में 234 सूकर बाडें तथा लगभग 2000 सूकर हैं जिसमें 10 सेम्पल जे०ई० सीरो सेम्पलिंग हेतु भेजा जाता है। जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (पशु चिकित्सा विभाग ) को निर्देशित किया कि रामपुर कारखाना के जे०ई० सीरो सेम्पलिंग और भेजे जाये । लिस्ट के अनुसार सर्वाधिक प्रभावित ग्रामों में तथा उनके आसपास सूअरबाड़ों का सर्वे, सूअर बाड़ों में विशेष साफ सफाई तथा छिड़काव की व्यवस्था, सूकर पालकों को रोजगार के अन्य उपाय अपनाने हेतु प्रेरित करे। सूअरों के सीरो सर्विलेंस, किसी भी असामान्य परिस्थियों में रोग पूर्व स्वास्थ्य विभाग ध् शासन को रिपोर्ट से अवगत कराना सुनिश्चित करें।
श्री निरंजन ने अधिशासी अभियन्ता जल निगम ( जल निगम विभाग) को निर्देशित किया है कि वे प्रभावित ग्रामों में पेयजल हेतु इण्डिया मार्का 2 हैण्डपम्प की व्यवस्था, मरम्मत योग्य इण्डिया मार्का 2 हैण्डपम्प को चिन्हित करते हुये रिबोर तथा क्रियाशील कराना, स्वच्छ पेयजल हेतु समस्त उपायों का रखरखाव एवं कियाशील बनाना सुनिश्चित करें।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (मत्स्य पालन विभाग ) को निर्देशित किया है कि संवेदनशील ग्रामों में जे०ई० के रोकथाम हेतु गम्बूसिया अथवा अन्य लार्वाभक्षी मछली के संबंध में किसी भी योजना के क्रियान्वयन के पूर्व में अवगत करायें तथा जिला मलेरिया अधिकारी / जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा चिन्हित गडढो की सूची प्राप्त कर एक सप्ताह में गम्बूजिया का संचयन कराना सुनिश्चित करें । उपरोक्त निर्देशों के अतिरिक्त जिलाधिकारी ने परियोजना अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वेक्टर जनित रोग से प्रभावित लोगो को मुख्यमंत्री आवास योजना से आच्छादित किया जाये । जिला विकलांग कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे ए०ई०एस० से प्रभावित बच्चों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराये।

 
विज्ञापन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here