दैनिक योग से ही शरीर रहेगा निरोग:जनपद न्यायाधीश


देवरिया टाइम्स। मंगलवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश जे0पी0 यादव के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जनपद न्यायालय देवरिया के सभागार कक्ष में सम्मानित न्यायाधीशगणों एवं विद्वान अधिवक्ताओं के साथ योग शिविर का आयोजन किया गया।

जनपद न्यायाधीश जे0पी0 यादव ने कहा कि योग मनुष्य के जीवन का एक अभिन्न अंग हैं बिना योग के मनुष्य जीवन ही अधूरा हैं। एक स्वस्थ शरीर के लिए नियमित रूप से व्यक्तियों को व्यायाम करना चाहियें। आप नियमित कम से कम 15 मिनट का योग जरूर करें जिससे आपका मन एकाग्र और शरीर स्वस्थ रहें। आधुनिक दौर में लोग काफी तनाव और डिप्रेशन में रहते हैं, तनाव को मूल से दूर करने के लिए योग ही एकमात्र इलाज़ हैं। उन्होंने आमजनमानस से अपील की कि आप इस भाग-दौड भरी जिन्दगी में नियमित रूप से योग करें जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता और शरीर में निरंतर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहें। योग से जीवन के प्रति उत्साह बढ़ता हैं तथा हमारा शरीर भी लचीला बनता हैं। हमें थकावट या किसी भी काम के प्रति उदासी का भाव नहीं रहता। योग प्रशिक्षक के रूप में जितेन्द्र दीक्षित उपस्थित रहें।

इस अवसर पर मुख्य रूप से अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार राय, प्रभारी जनपद न्यायाधीश अजय कुमार, लोकेश कुमार, अपर प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार मिश्र, अपर सिविल जज अंकित राज सिंह,नीलम वर्मा, मनोज कुमार यादव, अतुल कुमार, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार दीक्षित, कोर्ट मैनेजर मो0 रशीद हसन मंजर, न्यायालय स्टाफ व अन्य सम्मानित लोग उपस्थित रहें। प्रेस विज्ञप्ति जिला कारागार देवरिया में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर किया गया योग शिविर का आयोजन आज दिनांक 21.06.2022 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार तथा जनपद न्यायाधीश जे0पी0 यादव के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जिला कारागार देवरिया में निरूद्ध बंदियों के साथ योग शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के प्रभारी सचिव कुॅवर रोहित आनंद द्वारा बताया गया कि नियमित योग से ही शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता हैं और स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मस्तिष्क का वास हो सकता हैं।

उन्होंने बताया कि पहला अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया गया। योग व्यायाम का ऐसा प्रभावशाली प्रकार हैं, जिसके माध्यम से न केवल शरीर के अंगों बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा में संतुलन बनाया जाता हैं। योग से ही शारीरिक व्याधियों के अलावा मानसिक समस्याओं से भी निजात पाई जा सकती हैं। इस अवसर पर उन्होंने वहॉ उपस्थित समस्त निरूद्ध बंदियों से यह अपील की कि आप नियमित रूप से योग अवश्य करें ताकि आप मानसिक रूप से स्वस्थ बनें रहें। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्य कान्त धर दूबे ने कहा कि योग एक प्रकार की ऊर्जा हैं, जो साधक को पूरी उम्र बिमारियों से बचाती हैं। योग के अभ्यास से दिमाग और ह्दय स्वस्थ रहता हैं। मन प्रफुल्लित और तंदरूस्त होता हैं। शरीर के लिए योग काफी फायदेमंद होता हैं। उन्होंने कहा कि जैसे जीवन के लिए हवा जरूरी हैं, वैसे ही योग हमारे जीवन में काफी जरूरी हैं। जिला कारागार परिसर को नियमित रूप से स्वच्छ रखा जायें, बंदियों को संतुलित आहार दिया जायें तथा नियमित रूप से व्यायाम करने पर जोर दिया जायें। इस दौरान उन्होंने कहा कि योग करने का लाभ तभी संभव हैं जब हम नशे की सेवन से कोसों दूर रहें। इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला कारागार प्रभारी अधीक्षक राजकुमार वर्मा, डिप्टी जेलर के0के0 दीक्षित, वंदना त्रिपाठी, विद्वान अधिवक्ता अरविंद पाण्डेय, रूपेश मिश्र , राजू यादव व अन्य लोग उपस्थित रहें।

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