अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित कर करें किसानों की समस्या का समाधान: सीडीओ


देवरिया टाइम्स।

विकास भवन स्थित गांधी सभागार में आज मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार की अध्यक्षता में द्वितीय किसान दिवस का आयोजन हुआ। बैठक में जिला प्रशासन तथा किसान प्रतिनिधियों ने विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए मंथन किया।

किसानों ने नहरों में पानी न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि बारिश न होने से धान की फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। कई किसानों ने ट्यूबवेल से पर्याप्त जल न मिलने की शिकायत भी की। जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई को नहरों में पानी उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि कहीं किसी नहर से कटान होने की सूचना मिले तो तत्काल उसकी मरम्मत की जाए तथा नहर को क्षति पहुंचाने के विरुद्ध विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए

किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि बारिश कम होने की वजह से किसान निजी साधनों से सिंचाई करा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए विद्युत विभाग से कनेक्शन कटौती अभियान रोकने के साथ ही मौके पर विद्युत कनेक्शन देने की मांग रखी, जिसपर सीडीओ ने आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

किसानों द्वारा गत खरीफ सीजन के 31 किसानों के धान क्रय का भुगतान न होने का मुद्दा उठाया गया। सीडीओ ने सात दिन के भीतर भुगतान करने के लिए जिला खाद्य विपणन अधिकारी को निर्देशित किया। जिला गन्ना अधिकारी ने किसान प्रतिनिधियों को अवगत कराया कि जनपद में कुल 31 करोड़ दस लाख रुपए मूल्य के गन्ने की पेराई हुई थी, जिसके सापेक्ष 18 करोड़ 48 लाख रुपये का भुगतान किसानों को किया जा चुका है।

सीडीओ ने एलडीएम अरुणेश कुमार को निर्देशित किया कि केसीसी से जुड़े प्रकरणों में किसानों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुज्जमिल ने किसान प्रतिनिधियों को बताया कि जिन किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से ग़ैरलाभार्थी श्रेणी में आना है उन्हें 24 जुलाई तक लिखित में सूचना देनी होगी। अन्यथा की स्थिति में उनका प्रीमियम कट जाएगा।

कृषि विज्ञान केंद्र के रजनीश श्रीवास्तव ने जनपद की मृदा की गुणवत्ता में निरंतर हो रही गिरावट के विषय में किसानों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जीवाश्म की कमी की वजह से मृदा की जल धारण क्षमता कम होती जा रही है। उन्होंने किसानों से गो-आधारित प्राकृतिक कृषि करने का अनुरोध किया तथा रासायनिक खाद की जगह की जैविक खाद का प्रयोग करने की सलाह दी। मुख्य विकास अधिकारी ने समस्त उपस्थित अधिकारियों को अंतर-विभागीय समन्वय स्थापित कर किसानों की समस्याओं को तत्काल दूर करने का निर्देश दिया।

बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व नागेंद्र कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी अमृत लाल बिंद, उप निदेशक कृषि विकेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी पीएन सिंह, डीडीएम नाबार्ड संचित सिंह समेत विभिन्न अधिकारी एवं किसान प्रतिनिधि मौजूद थे।

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