चोरी के सामान की खरीदारी करने वाला सराफा समेत सात गिरफ्तार


देवरिया टाइम्स

देवरिया पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सदर कोतवाली पुलिस ने तीन बाल अपचारी समेत छह चोर व चोरी के सामान की खरीदारी करने वाले एक सराफा व्यवसायी को गिरफ्तार किया है। शहर समेत विभिन्न जगहों पर हुई सात चोरी की घटनाओं का पर्दाफाश किया। इस गैंग पर पुलिस अधीक्षक ने गैंगस्टर की कार्रवाई करने का भी कोतवाली पुलिस को आदेश दिया है।

पुलिस लाइन के सभागार में घटनाओं का पर्दाफाश करते हुए पुलिस अधीक्षक डा.श्रीपति मिश्र ने बताया कि सदर कोतवाल राजू सिंह व कोतवाली के वरिष्ठ उप निरीक्षक विपिन मलिक पुलिस टीम के साथ पुरवा चौराहे पर गश्त कर रहे थे। इस बीच तीन बाल अपचारी समेत सात लोग संदिग्ध दिखे। पुलिस ने उनसे सख्ती से पूछताछ की तो तीन किशोर व तीन लोगों ने चोरी करने की बात कबूल की। उसमें से एक ने अपने को सराफा दुकानदार बताया। इसके बाद पुलिस सभी को लेकर कोतवाली लेकर चली आई।


गिरफ्तार चोरों की निशानदेही पर शहर के ठठेरी गली के रहने वाला सराफा दुकानदार गोल्डेन कुमार सिंह की दुकान से चोरी के आभूषण व 50 हजार रुपये नकदी बरामद किया गया। गिरफ्तार चोरों में सदर कोतवाली रोड के रहने वाला अक्षय, रामपुर कारखाना के पिपरा मदन गोपाल का रहने वाला सुनील यादव, शहर के आंबेडकर नगर का रहने वाला किशन साहनी शामिल हैं, जिसमें गोल्डेन सराफा कारोबारी है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गिरोह का सरगना अभी फरार है। इस गिरोह से चोरी का सामान खरीदने वाला एक सराफा दुकानदार भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगी हैं। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। ये आभूषण हुए बरामद 11 झुमका, दो अदद सोने की चेन, एक मांगटीका, छह अंगुठी, एक मंगलसूत्र, सात जोड़ी बाली, दो हार, एक गला हुआ सोना, चार चूड़ी, पांच जोड़ी टप्स, पांच पायल, दो सिक्का, चार जोड़ी बिछुआ व 50 हजार रुपये नकद। इन घटनाओं का पर्दाफाश चार मार्च व 19 मार्च को शहर के आंबेडकर नगर में हुई दो चोरियों, 19 मार्च को राघव नगर में हुई एक चोरी, तीन मई को शहर के शिवपुरम कालोनी, 25 मई को मुंसफ कालोनी, 18 मई को उमानगर, 26 अप्रैल को सोंदा में हुई चोरी की घटना का पर्दाफाश किया गया है। तीन बाल अपचारी करते थे दिन में रेकी शहर के रहने वाले गिरफ्तार तीन बाल अपचारी इस गिरोह में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। यह दिन में विभिन्न मोहल्लों में घूम कर यह केवल पता करते थे कि किसके घर में ताला लटक रहा है और कितने दिन से लटक रहा है। यह पूरी बात यह सरगना तक पहुंचाते और फिर रात को भी यह उस गिरोह के साथ ही रहते। इनका काम रात को बस इतना था कि पुलिस गश्त कब समाप्त हो रही है। बच्चों के होने के चलते पुलिस भी इन पर नजर नहीं रखती।

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