विद्या मन्दिर में समारोह पूवर्क मनाया गया विज्ञान सप्ताह


देवरिया टाइम्स। विद्या भारती पूर्वी उतर प्रदेश द्वारा संचालित विद्यालयों में आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय जयन्ती के उपलक्ष्य में प्रत्येक विद्यालय में दिनांक 25 जुलाई से 02 अगस्त तक ‘‘विज्ञान सप्ताह’’ मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आज सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्या मन्दिर देवरिया खास देवरिया में प्राथर्ना सभा में आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय जयन्ती वर्ष एवं विज्ञान सप्ताह मनाया गया ।

जिसमें विद्यालय के विज्ञान आचार्य अखिलेश दिक्षित, जयराम मिश्र, श्री सुधीर कुमार सिंह ने छात्रों के विज्ञान के महत्व के बारे में बताया। आचार्य जयराम मिश्र ने छात्रों को सम्बोधित करते हुये बताया कि क्रिया आधारित ज्ञान को ही विज्ञान कहतें है, असल जिन्दगी में विज्ञान का बहुत बड़ा योगदान है। हम सभी के लिये यह गौरव की बात है कि हमारा देश भारत विज्ञान प्रतिभा सम्पन्न है।

हमारे यहाँ वैज्ञानिक आयर्भटट् ने 498 ई0 पू0 ही शून्य की खोज की थी, जिसे 16 वीँ शताब्दी में अन्य विदेशी वैज्ञानिकों ने अपने नाम से प्रसारित किया। हमारा देश वैज्ञानिक सम्पदाओं से परिपूर्ण है। जितने औषधीय पौधे यहाँ पाये जाते है उतने दुनिया के किसी अन्य देशो में नही मिलेगे। उन्होने विद्या भारती के इस अभिनव प्रयोग की भूरी- भूरी प्रशंसा करते हये बताया कि इस विज्ञान सप्ताह के बहाने हम सभी को विज्ञान के बारें में बहुत कुछ नया सीखने को मिलेगा। इस विज्ञान सप्ताह में हम अपने विद्यालय में 100 औषधीय पौधों का रोपड़ करेंगे एवम उसके नीचे उसका वैज्ञानिक नाम , गुण एवम् महत्व बतायेगे। हम सभी पोस्टर के माध्यम से भी विज्ञान के बारे में जानेंगे और दूसरों को बतायेगे। यदि आप चाहे तो विज्ञान पोस्टर ,

विडियो के द्वारा अपने वैज्ञानिक अनुभवों को साझा कर सकते हैं। इस विज्ञान सप्ताह मे आप अपने सीनियर भैया एवं विज्ञान आचार्य से विज्ञान के बारें में अपनी जिज्ञासा को शान्त कर सकते है। इसी क्रम में विज्ञान के आचार्य सुधीर कुमार सिंह ने आचार्य प्रफुल्ल चन्द राय के जीवन परिचय एवम् उनके द्वारा विज्ञान के क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों के बारे में बताया। उन्हाने बताया कि आचार्य प्रफुल्ल चन्द्र राय का जन्म 2 अगस्त सन 1861 को बंगाल में हुआ। ये बचपन से मेंधावी छात्र रहे। इन्होने एक पुस्तक ‘‘हिन्दू रसायन शास्त्र का इतिहास’’ लिखा जिसमें रसायन शास्त्र से सम्बन्धित बातें लिखी है। इन्हें भारतीय शास्त्र का पिता भी कहा जाता है। इन्होने ‘‘रस शास्त्र’’ नामक पुस्तक भी लिखी। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिरुद्व सिंह , जगदीश प्रसाद, विज्ञान आचार्य अखिलेश दिक्षित, जयराम मिश्र, सुधीर कुमार सिंह सहित छात्र भैया उपस्थित रहे।

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