सोशल मीडिया पर प्रचार सामग्री की लेनी होगी मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति की पूर्वानुमति



देवरिया टाइम्स।
आगामी विधानसभा चुनाव-2022 में प्रत्याशियों के सोशल मीडिया एकाउंट्स पर मीडिया प्रमाणन एवं अनुवीक्षण समिति की विशेष निगाह रहेगी। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर चुनाव-प्रचार के लिए किए गए खर्च प्रत्याशियों के चुनाव खर्च में जोड़े जाएंगे।


       उक्त बातें विधानसभा चुनाव 2022 में मीडिया प्रबंधन प्रभारी/मुख्य राजस्व अधिकारी अमृत लाल बिंद ने कही। उन्होंने कहा कि फेसबुक, टि्वटर, यूट्यूब,व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, कू सहित विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार की सतत निगरानी की जाएगी। इसके लिए सोशल मीडिया निगरानी में दक्ष कार्मिकों की शिफ्टवार तैनाती की जा रही है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया साइट्स पर दिए जाने वाले विज्ञापन पूर्व प्रमाणन की परिधि में आते हैं। अतः राजनीतिक दलों/प्रत्याशियों द्वारा सोशल मीडिया वेबसाइटों सहित इंटरनेट आधारित किसी भी मीडिया/वेबसाइट के लिए कोई भी राजनीतिक विज्ञापन के लिए निर्धारित फॉर्मेट पर पूर्वानुमति आवश्यक होगी।

        सोशल मीडिया पर विज्ञापन व्यय के साथ-साथ विज्ञापनों को कैरी करने के लिए इंटरनेट कंपनियों और वेबसाइटों को किए गए भुगतान, विषय-वस्तु के रचनात्मक विकास पर होने वाले प्रचार संबंधित प्रचालनात्मक व्यय एवं प्रत्याशी और राजनीतिक दलों द्वारा अपने सोशल मीडिया अकाउंट को बनाए रखने के लिए नियोजित कामगारों की टीम को दिए गए वेतन और मजदूरी पर प्रचालनात्मक व्यय आदि भी शामिल होंगे।

प्रत्याशियों को देनी होगी सोशल मीडिया एकाउंट्स की सूचना
प्रत्याशी नामांकन करते समय प्रपत्र संख्या 26 में शपथ पत्र दाखिल करेंगे। निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशानुसार उक्त प्रपत्र के पैरा संख्या-3 में प्रत्याशी को ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर और प्रामाणिक सोशल मीडिया एकाउंट्स से संबंधित सूचनाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है।

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