विज्ञान शिल्प एवं कला प्रदर्शनी का आयोजन



देवरिया टाइम्स।
बच्चों में रचना शीलता का विकास ही देश को ऊंचाई की तरफ ले जा सकता है भारत देश की रचना शीलता ने ही सबसे पहले पूरे विश्व को कोरोना की वैक्सीन दे दी, भारत की रचना शीलता ने ही मंगलयान जैसा स्वदेशी यान निर्मित कर मंगल की सतह पर उतार दिया आज के बच्चे ही कल के वैज्ञानिक बनेंगे। उक्त बातें देवरिया के लोकप्रिय विधायक डॉक्टर सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी ने शहर के राघव नगर स्थित वाइब्रेंट अकैडमी में बाल दिवस के अवसर पर आयोजित विज्ञान शिल्प एवं कला प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहीं।


शहर के वाइब्रेंट एकेडमी स्कूल में बाल दिवस का आयोजन चर्चा का विषय बना जहां पर विज्ञान प्रदर्शनी लगाई गई तथा विज्ञान शोध पत्र वाचन के द्वारा उनके मौलिक विचारों को प्रदर्शित किया गया।
बच्चों के मॉडल तथा शोध प्रबंध इतने उच्च कोटि के थे कि प्रथम द्वितीय तृतीय का निर्धारण कर पाना निर्णायक बंधुओं के लिए खासा मुश्किल हुआ|
तो चुनाव श्रेष्ठ के हिसाब से किया गया इसमें अमृता गुप्ता हर्षिता मिश्रा आदि के द्वारा बनाया गया ह्यूमन फिजियोलॉजी सिस्टम कुमारी अंशिका स्वाति मणि और उसकी सहेलियों के द्वारा बनाया गया कोरोना विषाणु के द्वारा मानव कोशिका पर प्रभाव डालना तथा वैक्सीन के द्वारा उसे रोकना, दिविज कृष्ण और साथियों के द्वारा बनाया गया वायरलेस डाटा ट्रांसफर लाई-फाई सिस्टम, जागृति डूबे और उनकी सहेलियों द्वारा बनाया गया स्वचालित सीढ़ियों का एस्केलेटर सिस्टम, दिव्यांश प्रताप सिंह और साथियों द्वारा बनाया गया स्वचालित  अनाधिकृत प्रवेश अवरोध द्वार, जानवी शर्मा सृष्टि यादव प्रियदर्शिनी आदि के द्वारा बनाया हुआ रेन वाटर हार्वेस्टिंग वाटर ट्रीटमेंट प्लांट आकर्षण के प्रमुख केंद्र रहे। कार्यक्रम में कुल 78 विज्ञान विभिन्न प्रकार के शिल्प तथा पेंटिंग के सामग्री सजाए गए थे। सभी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए राजेश मिश्रा (जनपदीय कोर कमेटी शिक्षक प्रकोष्ठ) ने वैज्ञानिक अभिरुचि को बढ़ावा देने वाले इस कार्यक्रम को बाल दिवस का सर्वश्रेष्ठ सदुपयोग बताया।  विद्यालय के अभिभावक और पूर्व शाखा प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक अभिनंदन यादव ने कहा कि आज के बच्चे कल का भविष्य है और इन बच्चों के हुनर को देखते हुए मैं आशान्वित हूं कि भारत का भविष्य कल कारखानों से ऊपर उठकर अन्य तकनीकी क्षेत्रों में उभर रहा है भारत को पुनः तकनीकी रूप से विश्वगुरु होने के प्रति उन्होंने शुभकामनाएं दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य रविकांत मणि त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि बाल दिवस के अवसर पर बच्चों में विज्ञान के प्रति और आसपास के वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु इस कार्यक्रम का चुनाव किया गया इस कार्यक्रम में सभी बच्चों ने प्रोजेक्ट के साथ-साथ शोध प्रबंध भी लिखा है जिसे विषय विशेषज्ञों के द्वारा पढ़ा जाएगा उसे विभिन्न वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित कराने के लिए भी प्रयास किया जाएगा। समारोह को मारकंडेय मणि, अशोक यादव टी एस आई रामवृक्ष यादव ने भी संबोधित किया।
विषय विशेषज्ञ समिति में अभय मल्ल, रमाशंकर चौरसिया तथा पंकज यादव रहे।
इस अवसर पर जुलाई-अगस्त सितंबर तिमाही के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक के रूप में गणित विभाग के अध्यापक देवेंद्र सिंह को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्राची सिंह, स्वाति सरावगी, विनय कुमार सिंह, अतुल कुमार राय विपिन बिहारी शास्त्री, कु श्वेता, एसके निषाद, के एन मल्ल, अवधेश आदि का सक्रिय योगदान रहा।
कार्यक्रम का संचालन गौरव राज ने किया।

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