कुपोषित बच्चों को बनाया जा रहा सुपोषित,पोषण माह के तहत आयोजित हो रहीं हैं विभिन्न गतिविधियां


देवरिया टाइम्स।
जिले के कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की सेहत बनाने के लिए पोषण माह में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से
कुपोषित बच्चों की सेहत बनाई जा रही। इसी कड़ी में कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों के परिवारों के राशन कार्ड व मनरेगा जॉब कार्ड भी प्राथमिकता के आधार पर बनाए जाएंगे। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग ने इसके लिए पहल की है। अगस्त महीने की रिपोर्ट के मुताबिक जिले में 2957 कुपोषित और अति कुपोषित बच्चे चिन्हित किये गए हैं। अब इन सभी के मनरेगा जॉब कार्ड और राशन कार्ड बनाने की तैयारी है।


जिला कार्यक्रम अधिकारी कृष्णकांत राय ने बताया कि जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसके लिए पोषण माह की शुरुआत की गई है। माह के दौरान प्रत्येक दिन अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसमें राशन वितरण, अन्नप्राशन व गोद भराई और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बचपन दिवस मनाया जाएगा। इनमें बच्चों का वजन, पोषाहार वितरण शून्य से 6 माह के बच्चों को स्तनपान कराने के बारे में पर चर्चा, पोषण मेला, आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ममता दिवस, अतिकुपोषित बच्चों को चिह्नित कर एनआरसी में भेजने जैसी गतिविधियां शामिल हैं।

एआरसी भेजने की दी सलाह

छेरहवाँ निवासी चार वर्षीय प्रत्युष की माँ कंचन देवी बताती हैं कि अगस्त माह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रानी ने आंगनबाड़ी केंद्र पर प्रत्यूष का वजन किया तो उसका वजन 10 किलो था। आँगनबाड़ी ने घर पर ही उपलब्ध सामग्रियों से बना हुआ पौष्टिक क आहार खिलाने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि अगर बच्चे की सेहत में परिवर्तन नहीं हो रहा है तो जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजा जाएगा, जहां विशेषज्ञों द्वारा बच्चे की जांच करके भर्ती किया जाएगा और र सुपोषित किया जाएगा।

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