विद्या मन्दिर देवरिया में समारोह पूवर्क मनाया गया कारगिल विजय दिवस


देवरिया। सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्या मन्दिर देवरिया खास देवरिया में आज प्रार्थना सभा में कारगिल विजय दिवस मनाया गया। जिसमें मुख्य अतिथि कैप्टन सुभाष चन्द्र सेन (संगठन मंत्री, अखिल भारतीय पूर्व सैनिक परिषद देवरिया), अध्यक्ष सूबेदार मारकण्डेय पति तिवारी (अध्यक्ष, पूर्व सैनिक सेवा परिषद ,देवरिया) तथा प्रधानाचार्य अनिरुद्व सिंह रहे।

कायर्क्रम की शुरुआत सवर्प्रथम माँ सरस्वती व माँ भारती के चित्र पर पर दीप प्रज्जवलन एवं पुष्पार्चन कर हुआ। अतिथि परिचय एवं कायर्क्रम की प्रस्तावना प्रधानाचार्य ने प्रस्तुत किया। अपने विचार मातृभाषा संस्कृत में रखते हुये प्रधानाचार्य अनिरुद्व सिंह ने बताया कि किस प्रकार दुश्मन देशों ने छलकपट के द्वारा हमारें भूमि पर कब्जा कर लिया था। परन्तु हमारे वीर जवानों ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुये अपने देश की सीमा की रक्षा की। तत्पश्चात मुख्य अतिथि सुबेदार मारकण्डेय तिवारी ने भैयाओं को सम्बोधित किया तत्कालीन युद्व परिस्थितियों की चर्चा करते हुये उन्होंने बताया कि किस तरह विषम परिस्थति में रहते हुये भी हमारे वीर सैनिको ने दुश्मन की सेना के दाँत खट्टे कर दिये। 18700 फीट की उँचाई पर चढ़कर दुश्मन से लोहा लिया और टाइगर हिल एवं कारगिल सेक्टर पर तिरंगा फहराया। उन्होंने छात्रों से अपने अनुभव साझा करते हुये बताया कि उस समय वो स्वयं वहाँ पर तैनात थे, और उस समय कि परिस्थितियाँ इतनी विषम थी कि हम आपको अन्दाजा भी न होगा कि उस समय हम सब की क्या स्थिति रही होगी। कारगिल की गाथा सुनाते ही दिल भावुक हो जाता है कि किस तरह एक जवान अपना सब कुछ देश पर न्योछावर कर देता है।

उन्ही वीर जवानों के शहादत के बल पर हमने 26 जुलाई सन 1999 को विजय हासिल की। जिनकी याद में हम प्रत्येक वर्ष कारगिल दिवस मनाते है, जिसे सुनकर सभी छात्रों में राष्ट्रभक्ति का रोमांच भर गया। तत्पश्चात विद्यालय के भैया साहिल सिंह 10 घ, प्रत्युश द्विवेदी 10 ज, तथा छात्र संसद के उपप्रधानामंत्री भैया सत्यम सिंह ने भी अपने विचार रखे। इसके पश्चात कायर्क्रम के अध्यक्ष कैप्टन सुभाष चन्द्र सेन ने भी छात्रों को सम्बोधित किया। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने बताया कि सेना में विभिन्न पदों पर रहते हुये उन्होंने 28 सालों तक देशसेवा की और आज भी उनके रग-रग में राष्ट्रभक्ति निहित है, और जब भी देश को उनकी जरुरत होगी वो अपना रक्त बहाने को तैयार है। उनके ओजस्वी भाषण से छात्रों में देश प्रेम भर उठा। उन्होंने बताया कि कैसे कारगिल युद्व की शुरुआत हुई, कैसे तैयारी की गई, किस तरह युद्व की योजना/नीति बनी। जिसे छात्रों ने बड़े ध्यान से सुना। कायर्क्रम के अन्त में 02 मिनट का मौन रखकर वीरगति प्राप्त जवानों का श्रद्वांजलि दी गई। कायर्क्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ। कायर्क्रम का संचालन आचार्य अशोक यादव ने किया। इस अवसर पर कैप्टन सुभाष चन्द्र सेन, सूबेदार मारकण्डेय पति तिवारी तथा प्रधानाचार्य अनिरुद्व सिंह सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

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