नेशनल पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी



देवरिया टाइम्स।
नेशनल पब्लिक स्कूल ब्रांच देवरिया और ब्रांच चांदपार भटनी में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया गया जहां बच्चों ने श्रीकृष्ण भगवान और राधा के भेष भूषा में बहुत ही आकर्षक झांकी प्रस्तुत किया वहीं मटका फोड़ प्रतियोगिता भी छात्र छात्राओं और अध्यापकों और मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों के बीच सम्पन्न हुआ।

जिसमें छात्रों ने प्रथम अध्यापकों और मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों ने द्वितीय तथा छात्राओं ने तृतीय स्थान प्राप्त किया विद्यालय के निदेशक संजय शंकर मिश्र ने विजयी प्रतियोगिताओं को पुरस्कृत किया।
इसके पूर्व केक काटकर बच्चों ने श्रीकृष्ण भगवान के रूप में उपस्थित बच्चों को खिलाया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ज्योति लक्ष्मी ए और भटनी ब्रांच की प्रधानाचार्या श्रीमती मृदुला सिंह बघेल ने बच्चों को श्री कृष्ण के जन्म दिवस के विषय में बताते हुए कहा कि
पौराणिक कथाओं के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को मथुरा में श्रीकृष्ण का जन्म हुया था. कहा जाता है कि कंस ने अपने पिता उग्रसेन राजगद्दी छीनकर जेल में बंद कर दिया.

जिसके बाद वह खुद मथुरा की राजगद्दी पर बैठ गया. कंस की एक बहन थी, जिनका नाम देवकी था. वह देवकी से बहुत स्नेह रखता था. कंस ने देवकी का विवाह वासुदेव से कराया, लेकिन देवकी की विदाई के वक्त आकाशवाणी हुई कि उसका आठवां पुत्र कंस का वध करेगा. आकाशवाणी सुनकर कंस डर गया, जिसके बाद उसने देवकी और वासुदेव दोनों को कारागार में बंद कर दिया. कहते हैं कि कंस ने देवकी और वासुदेव की 7 संतान को मार दिए, लेकिन जब देवकी की आठवीं संतान का जन्म होने वाला था, तब आकाश में बिजली कड़क रही थी. मान्यतानुसार, रात्रि 12 बजे जेल के सारे ताले खुद ही टूट गए और वहां की निगरानी कर रहे सभी सैनिकों को गहरी नींद आ गई. वे सो गए. कहा जाता है कि उस समय भगवान विष्णु प्रकट हुए और उन्होंने बताया कि वे देवकी की कोख से जन्म लेंगे. इस क्रम में आगे उन्होंने कहा कि वे उनके कृष्ण रूपी अवतार को गोकुल में नंद बाबा के पास छोड़ आएं और उनके घर जन्मी कन्या को मथुरा लाकर कंस को सौंप दें. जिसके बाद वासुदेव ने भगवान के के कहे अनुसार किया. वह कान्हा को नंद बाबा के पास छोड़ आए और उनकी कन्या को कंस को सौंप दिया.

नंद और यशोदा ने श्रीकृष्ण को पाला और श्री कृष्ण ने कंस का वध किया।
कार्यक्रम में देवरिया ब्रांच के अध्यापक विपिन गुप्ता, आशीष कुमार मिश्र, सौरभ शाही,पल्लवी जायसवाल, प्रिया मिश्र, राजश्री यादव, खुशबू जायसवाल, अनामिका मिश्र, रत्नाकर सर, दिव्यांशु दुबे,शिखा मिश्र, शकुन्तला मिश्र, रानी चौरसिया,अंशू श्रीवास्तव,रिचा मिश्र, अनुराधा अस्थाना, राधा जायसवाल, प्रतिभा मद्धेशिया, निहिता गुप्ता, पद्मा मिश्रा,रिया गुप्ता, सपना स्वरूप, साक्षी मिश्रा,कंचन गुप्ता, यासमीन परवीन, आशुतोष सिंह, संजीव तिवारी, अंबिका दत्त पाण्डेय,वी ड़ी मिश्र, सिमरन सिंह, सुजाता आर्या,मुकेश दुबे, अतुल राय,वर्तिका तिवारी, आशीष सिंह, अमित विश्वकर्मा, विकास कुशवाहा, प्रज्ञा तिवारी तथा अश्विनी ओझा भटनी ब्रांच की क्वाडिनेटर खुशबू जायसवाल

और अध्यापक मुरली गुप्ता, पल्लवी मिश्रा,शुभम जायसवाल, नुपुर मिश्रा, रीना पाण्डेय,देवव्रत तिवारी, चंदा मिश्रा, शिवानी राव, स्मृति वर्मा, शिवांगी गुप्ता, रानी शुक्ला, सुमन मिश्रा, अक्शा अंसारी,निशा अंसारी और पूजा मद्धेशिया तथा बृजेश तिवारी, सत्येन्द्र तिवारी, प्रियंका चौहान, विवेक मिश्र, उमा द्विवेदी, अमरजीत यादव, चंदन यादव, धन्नजय यादव मणि जी आदि मौजूद रहे।
संचालन पल्लवी जायसवाल और रिचा मिश्रा ने किया।

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