इंदुपुर-2 स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं समस्त अध्यापकों को नोटिस देने का दिया निर्देश


देवरिया टाइम्स।
माननीय वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के नेतृत्व में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी एवं जल शक्ति मंत्री दिनेश खटिक की सदस्यता वाले मंत्रियों के समूह ने विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए विभिन्न परियोजनाओं का निरीक्षण किया।

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वित्त मंत्री सर्वप्रथम अंबेडकर नगर स्थित मलिन बस्ती में पहुंचे। वहां उन्होंने लोगों से संवाद कर विभिन्न योजनाओं के मिल रहे लाभों की हकीकत जानी। उन्होंने इओ नगर पालिका को निर्देश दिया कि खुदाई के पश्चात कार्यदायी संस्था से रोड की पूर्ण मरम्मत कराई जाए। उसे सिर्फ खानापूर्ति करके न छोड़ा जाए।साफ-सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी भी करने का निर्देश दिया। उन्होंने बस्ती में प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग पर प्रस्ताव भेजने के लिए कहा।


इसके पश्चात मंत्रियों का समूह गौरी बाजार स्थित कान्हा गोआश्रय स्थल पहुंचा और वहां गोवंश के संरक्षण की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। कान्हा गोआश्रय स्थल पर कुल 111 गोवंश संरक्षण मिले, जिनमें 92 नर और 19 मादा गोवंश थे। वित्त मंत्री ने यहां गोवंश को मिलने वाले चारे में हरे चारे की मात्रा निर्धारित मानक 15% के अनुसार उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने गोमूत्र एवं गोबर के व्यवसायिक उपयोग की संभावना को तलाशने के लिए भी कहा।


इसके पश्चात मंत्रियों के समूह ने इंदुपुर दो स्थित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। वित्त मंत्री ने कक्षा 7 एवं कक्षा आठ के विद्यार्थियों से कुछ बुनियादी सवाल पूछे, जिनका संतोषजनक उत्तर विद्यार्थी नहीं दे सके। इस पर वित्त मंत्री ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और बेसिक शिक्षा अधिकारी हरिश्चन्द्र नाथ को विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित समस्त अध्यापकों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा सरकार की प्राथमिकता का विषय है इसमें गुणवत्ता के साथ बिल्कुल भी समझौता नहीं किया जा सकता है। 1 माह के पश्चात पुनः इस विद्यालय में बच्चों को दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता जांची जाएगी।


वित्त मंत्री ने मदेना व इंदुपुर में जल जीवन मिशन के तहत बने वॉटर टैंक का भी जायजा लिया। इसमें इंदुपुर की पर योजना में गंभीर खामियां मिली। वाटर टैंक का ढांचा तैयार हुए लगभग डेढ़ साल बीत चुके हैं, फिर भी इसे उपयोग के लिए हस्तांतरित नहीं किया गया है। यह निर्माण की गुणवत्ता भी प्रथम दृष्टया घटिया मिली। डेढ़ साल के भीतर ही ढांचे में कई जगह दरारें दिखने लगी हैं। वित्त मंत्री ने इसपर गहरी नाराजगी व्यक्त की और ठेकेदार पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया।
वित्त मंत्री के नेतृत्व में मंत्रियों के समूह ने मेडिकल कॉलेज के नियंत्रणाधीन जिला अस्पताल का भी दौरा किया। उन्होंने ओपीडी, पीकू वार्ड, महिला वार्ड सहित विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। सफाई व्यवस्था में मिली खामियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इस कार्य में संलग्न संस्था के विरुद्ध जुर्माना लगाने का निर्देश दिया। वित्त मंत्री ने दवाओं की उपलब्धता, एक्सपायरी डेट आदि के संबन्ध में भी जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा, सीएमओ डॉ सुरेंद्र सिंह, सीएमएस डॉ आनन्द मोहन वर्मा, एडीएम प्रशासन गौरव श्रीवास्तव, एसडीएम सौरभ सिंह सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

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