जिला पर्यावरण समिति के बैठक में बिना किसी सूचना के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रहे अनुपस्थित, स्पष्टीकरण तलब




देवरिया टाइम्स।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में देर सायं संपन्न हुई। बैठक में जनपद के पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।

अस्पतालों से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्टेज के निस्तारण पर व्यापक चर्चा की गई। वर्तमान में कुल  21 सीएचसी 628 किलो बायोमेडिकल वेस्टेज का निस्तारण किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने अभियान चलाकर जनपद के सभी 281 हेल्थ केयर फैसेलिटीज को बायो मेडिकल वेस्टेज निस्तारण के दायरे में लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई हेल्थकेयर फेसिलिटीज खुले में बायो-वेस्ट का निस्तारण करती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

सिंगल यूज प्लास्टिक की रोकथाम के लिए प्रवर्तन के साथ-साथ जन जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में 4 टन सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग प्रतिदिन जनपद में किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।

जिलाधिकारी ने ई-कचरे के निस्तारण के लिए व्यापक रणनीति बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बेकार हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में कई ऐसे रसायनिक तत्वों का प्रयोग होता है, जिनका मानव एवं पर्यावरण के स्वास्थ्य पर अत्यंत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

जिलाधिकारी ने बरहज में घाघरा नदी में गिरने वाले सभी 11 प्रमुख नालों के जलशोधन के लिए ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने हेतु स्थल चिन्हित करने का निर्देश दिया। डीएफओ जगदीश आर ने बताया कि वर्तमान में जनपद में 45.8 मिलियन लीटर सीवेज निकलता है। सीवेज ट्रीटमेंट के बाद ही जल स्त्रोतों में जाये, यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। इओ रोहित सिंह ने बताया कि जटमलपुर में 32 केएलटीडी क्षमता वाला निर्माणाधीन एफएसटीपी प्लांट शीघ्र ही क्रियाशील होने वाला है इससे नगर पालिका परिषद देवरिया से निकलने वाले सीवेज का ट्रीटमेंट किया जा सकेगा।

जिलाधिकारी ने अभी से किसानों के मध्य पराली को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पराली का दर निर्धारित करने के साथ ही इसके व्यवसायिक उपयोग के लिए किसानों को जागरूक किया जाए। पराली को जलाने से पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंचती है।

डीपीआरओ अविनाश कुमार ने बताया कि गंगा की सहायक नदी राप्ती व घाघरा के किनारे रुद्रपुर, लार एवं बरहज में आरती स्थल का चिन्हांकन कर लिया गया है। नदियों के किनारे जैविक खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

जिला पर्यावरण समिति की बैठक में बिना किसी पूर्व सूचना के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी पंकज यादव के बैठक में शामिल न होने पर डीएम ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनसे स्पष्टीकरण तलब किया है। डीएम ने क्षेत्रीय अधिकारी के *प्रतिस्थानी* के रूप में आये वैज्ञानिक सहायक राम मिलन वर्मा को बैठक से बाहर जाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्य मीटिंग में स्वयं प्रतिभाग करना सुनिश्चित करें।

बैठक में सीडीओ रवींद्र कुमार, प्रभारी सीएमओ डॉ सुरेंद्र सिंह, डीएफओ जगदीश आर, सीआरओ अमृत लाल बिंद, एडीएम (प्रशासन) गौरव श्रीवास्तव, इओ रोहित सिंह, डीएचओ सीताराम यादव सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

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