देवरिया में बोले स्वास्थ्य मंत्री, तीसरे लहर की चल रही तैयारी नही होगी कोई परेशानी


देवरिया टाइम्स

यूपी के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं मातृ, शिशु कल्याण मंत्री जयप्रताप सिंह ने कहा कि वैश्विक महामारी कोविड की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर सरकार तैयारी कर रही है। हर जिले में सौ बेड का पीआईसीयू वार्ड बनाया जाएगा। जिला अस्पताल में पचास बेड का पीआईसीयू तथा सीएचसी पर आठ से दस बेड का पीकू वार्ड बनेगा। इस दिशा में कार्य भी चल रहा है। साथ ही प्रत्येक जनप्रिनिधि को एक अस्पताल गोद लेने के लिए कहा गया है। सांसद व विधायक निधि से अस्पताल की व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जा रहा है।स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को विकास भवन सभागार में प्रेसवार्ता में कहा कि कोविड काल में डेढ़ से प्रतिदिन स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है, जिससे कोविड पर नियंत्रण पाया गया। साथ ही स्वास्थ्य सेवा को बेहतर करने के लिए मैन पावर, संसाधन को बढ़ाने पर कार्य किए गए।कहा कि कोविड महामारी के कारण बंद सामान्य ओपीडी शुरू करना से पहले सीएचसी, पीएचसी की रंगाई-पुताई कराई जाएगी। अब कोई पीएचसी चिकित्सक विहीन नहीं रहेगी। सरकार सभी अस्पताल पर चिकित्सक की तैनाती करने का निर्देश दिया है। इसके तहत आयुष के डॉक्टरों को पीएचसी पर तैनात करने की योजना है। प्रदेश के 24 हजार से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों, वेलनेस, हेल्थ केयर सेंटरों आदि को सुसज्जित करने की दिशा में कार्य कर रही है।

उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन का कार्य लगातार चल रहा है। 16 जनवरी से अब तक दो करोड़ 54 लाख का टीकाकरण कर दिया गया है। केंद्र सरकार 21 जून से सभी प्रदेशों को फ्री में वैक्सीन उपलब्ध कराएगी। इसमें उत्तर प्रदेश को अधिक डोज मिलेगी। कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को चार श्रेणी में बांटा गया है। इनके लिए 97 हजार ग्राम पंचायतों में निगरानी समितियों को मेडिकल किट वितरित किया जाएगा। मेडिकल किट जल्द मंडल मुख्यालय पर पहुंच जाएगा, इसके बाद जिलों को उपलब्ध हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि कोविड के केस समाप्त हो रहे हैं, लेकिन सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस समय प्रदेश के 38 जनपदों में जापानी इंसेफेलाइटिस, कालाजार पर भी काम करना है। देवरिया जनपद में भी बिहार सीमा से सटे क्षेत्र भी इन बीमारियों से प्रभावित होते हैं। यहां अब तक 12 केस कालाजार के चिह्नित किए गए हैं, जिसमें छह बीएल व छह पीकेडीएल के हैं। इससे बचाव के लिए जुलाई माह से दस्तक अभियान शुरू होगा। इसके तहत टीम गांवों में जाकर सर्वे करेगी। इस दौरान लक्षण मिलने पर टीम मेडिकल किट उपलब्ध कराएगी, ताकि लक्षण समाप्त हो जाए और अस्पताल जाने की जरूरत न पड़े। साथ ही टीकाकरण भी कराया जाएगा।

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