राष्ट्रीय लोक अदालत का किया गया भव्य आयोजन, 31,260 वादों का हुआ निस्तारण



देवरिया टाइम्स। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया श्री रवि नाथ के आदेशानुसार शनिवार को सुबह 10.00 बजे राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। उक्त अवसर पर माननीय जनपद न्यायाधीश श्री रवि नाथ, राष्ट्रीय लोक अदालत नोडल अधिकारी श्री लोकेश कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सूर्य कान्त धर दूबे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवरिया के सचिव न्यायाधीश श्री आरिफ निसामुद्दीन खान एवं अन्य सम्मानित न्यायाधीशगणों द्वारा फीता काटकर एवं मॉ सरस्वती प्रतिमा का माल्यार्पण एवं द्विप प्रज्जवलन के साथ राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य शुभारम्भ किया गया।


उक्त अवसर पर माननीय जनपद न्यायाधीश श्री रवि नाथ द्वारा कुल 02 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-1000/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री रजनीश कुमार देवरिया द्वारा कुल 01 वाद का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी श्री कृष्ण यादव द्वारा कुल 36 मामलें का निस्तारण किया गया तथा मु0-2,13,84,500-रूपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में दिलाया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अरविंद कुमार द्वारा कुल 03 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-600/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश इण्दिरा सिंह द्वारा कुल 02 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-1000/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शाश्वत पाण्डेय द्वारा कुल 53 वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पाक्सो एक्ट) कक्ष सं0-03 श्री अजय कुमार द्वारा कुल 01 वाद का निस्तारण किया गया तथा मु0-500/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एन0डी0पी0एस0) कक्ष सं0-16 श्री लोकेश कुमार द्वारा कुल 02 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-14,15,557.5/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री मोहन लाल विश्वकर्मा द्वारा 09 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया मु0-9,65,000/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय-प्रथम श्री ज्ञान प्रकाश सिंह द्वारा 10 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय-द्वितीय श्री मनोज कुमार मिश्र द्वारा 09 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय-तृतीय श्री विकास कुमार द्वारा 07 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफ0टी0सी0 द्वितीय श्री अशोक कुमार दूबे प्रथम द्वारा 02 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-500/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सूर्य कान्त धर दूबे द्वारा कुल 801 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-1,30,380/-रूपये की धनराशि जुर्माना के रूप में दिलाया गया। सिविल जज (सी0डी0) शिवेन्द्र कुमार मिश्र द्वारा द्वारा कुल 10 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-77,84,524/-रूपये की धनराशि जुर्माना के रूप में दिलाया गया। सिविल जज (सी0डी0)/एफ0टी0सी-1 इशरत प्रवीन फारूकी द्वारा कुल 125 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-5,49,178.87/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। सिविल जज (जू0डी0) स्वर्णमाला सिंह द्वारा कुल 53 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-49,71,165/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रिया कुमारी राय द्वारा कुल 320 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-18,820/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। सिविल जज (जू0डी0) अंकित राज सिंह द्वारा कुल 301 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-5520/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। सिविल जज (जू0डी0) श्री आदित्य जायसवाल द्वारा कुल 106 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-2100/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। । सिविल जज (जू0डी0) श्री कुॅवर रोहित आनंद द्वारा कुल 40 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-1010/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। सिविल जज (जू0डी0) श्री अमन कुमार द्वारा कुल 92 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-1820/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। सिविल जज (जू0डी0) श्रीमती प्रिति द्वारा कुल 01 वाद का निस्तारण किया गया। सिविल जज (जू0डी0) सुश्री श्रुति त्रिपाठी द्वारा कुल 07 वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज (जू0डी0) श्री नवनीत कुमार द्वारा कुल 01 वाद का निस्तारण किया गया तथा मु0-1,60,858/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया। सविल जज (जू0डी0)/एफ0टी0सी0 द्वितीय मनोज कुमार यादव द्वारा कुल 02 वादों का निस्तारण किया गया। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्री ब्रजेश पाण्डेय द्वारा 20 वादों का निस्तारण किया गया तथा मु0-5400/-रूपये की धनराशि जुर्माने के रूप में दिलाया गया।
इस प्रकार इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल मिलाकर 31260 मामलों का निस्तारण किया गया। प्रतिकर, जुर्माना एवं अन्य मामलों में कुल मु0-16,61,20,676/-रूपये की धनराशि का सेटलमेण्ट किया गया। इस लोक अदालत में मुख्य रूप से समस्त सम्मानित न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, वादकारीगण तथा सामान्य जनता उपस्थित रही। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश आरिफ निसामुद्दीन खान के अथक प्रयास से इस लोक अदालत का सफल आयोजन सम्पन्न हुआ तथा इसके लिए सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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