सेमरौना प्रकरण में डीएम ने की कार्रवाई,पंचायत सचिव निलंबित, तत्कालीन बीडीओ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए डीएम ने शासन को लिखा पत्र


देवरिया टाइम्स।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने ग्राम पंचायत से सेमरौना में पंचायत भवन, अंत्येष्टि स्थल एवं आंगनबाड़ी निर्माण में पायी गई कमियों एवं शासकीय धन राशि के दुरुपयोग के आरोप में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर पंचायत सचिव शिशिर गुप्ता को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

तत्कालीन बीडीओ के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिए शासन को पत्र लिखने के साथ ही जिलाधिकारी ने डीपीआरओ को तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख एवं तत्कालीन ग्राम प्रधान के विरुद्ध भी पंचायती राज अधिनियम की सुसंगत धाराओं में कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। डीएम ने कहा कि शासकीय धन की बन्दरबांट करने वालों के विरुद्ध शासन की ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्यवाही जारी रहेगी।

उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने 4 जून को ग्राम सेमरौना में निर्मित पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन और अंत्येष्टि स्थल का निरीक्षण किया था और कमी मिलने पर त्रिसदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता सामने आई थी।

अंत्येष्टि स्थल पर बिना इंटरलॉकिंग का कार्य कराए ही भुगतान कर दिया गया था। पंचायत भवन में भारत सरकार द्वारा निर्मित नक्शे में बिना किसी अधिकार के कमरों की संख्या 8 से घटाकर चार कर दी गई, इसके बावजूद लागत में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आई, पूर्व स्वीकृत 17.46 लाख रुपये की धनराशि में बल्कि 2.20 लाख रुपए की वृद्धि करते हुए कार्य की कुल लागत 19.68 लाख रुपये हो गई। आंगनबाड़ी भवन में भी कई कार्यों को बिना कराये ही उनका भुगतान किया गया। उक्त प्रकरण में वित्तीय अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों को चिन्हित करके कार्रवाई करने का सिलसिला जारी है।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भ्रष्टाचार के इस प्रकरण में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। शासकीय धन का दुरुपयोग करने वाले सभी जिम्मेदारों के विरुद्ध विधिसम्मत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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