जिलाधिकारी ने किया कृषि विज्ञान केंद्र, मल्हना में प्रगतिशील किसानों संग संवाद


देवरिया टाइम्स।

किसान रसायनिक खाद को छोड़कर ऑर्गेनिक खेती कर फसल उगाए। ऑर्गेनिक उत्पादों की वैश्विक मांग बहुत अधिक है। इससे उनकी आय में बढ़ोतरी होगी। साथ ही रसायनिक खाद के दुष्प्रभाव से पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा।

उक्त बातें जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना, बनकटा मिश्र में प्रगतिशील किसानों के साथ संवाद के दौरान कही। उन्होंने कहा कि किसान मांग आधारित फसलों की खेती करें। फसल विविधीकरण को अपनाएं। सरकार कृषकों के हित में कई कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। उनका लाभ उठाएं।आर्या योजना के विषय में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 18 से 35 आयु वर्ग के युवाओं को मशरूम, मधुमक्खी पालन एवं मुर्गी पालन से जुड़े प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।

जो युवा किसान इसका प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं, वे कृषि विज्ञान केंद्र में समय-समय पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण सत्र में भाग ले सकते हैं। उन्होंने काला नमक धान की प्रजाति को प्रोत्साहन देने पर बल दिया।

पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा ने कहा कि प्रगतिशील किसान एग्रीकल्चरल डाइवर्सिफिकेशन से अपनी आय बढ़ा सकते हैं। मत्स्यपालन, मशरूम की खेती, मधुमक्खी पालन, डेयरी और पॉल्ट्री से जुड़े कार्य के माध्यम से युवा किसानों के लिए नई राह खुल सकती है। युवा किसानों को इससे जुड़े प्रशिक्षण प्राप्त कर अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।

किसान केंद्र के प्रभारी डॉ रजनीश श्रीवास्तव ने सीसा परियोजना, सीड हब (दलहन) सहित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी किसानों को दी।इस अवसर पर उप निदेशक कृषि राजेश कुमार, कृष्णमोहन पाठक, ब्लॉक प्रमुख छट्ठू प्रसाद यादव, राजीव मिश्र, संजय कुशवाहा, अनूप सिंह, अनुज सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान मौजूद थे।

spot_img

Similar Articles

Advertismentspot_img

ताजा खबर