देवरिया:कस्तूरबा आवासीय विद्यालय में फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रही वार्डेन बर्खास्त

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देवरिया टाइम्स

फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रही एक कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की वार्डेन बुधवार को बर्खास्त कर दी गयी। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ अब तक प्राप्त वेतन की वसूली की कार्रवाई भी की जायेगी। एक व्यक्ति की शिकायत पर हुयी जांच में यह मामला सामने आया था।  

कस्तूरबा आवासीय विद्यालय लार की वार्डेन रिचा वर्मा के फर्जी प्रमाण पर नौकरी करने की शिकायत एक व्यक्ति ने पिछले वर्ष राज्य परियोजना निदेशक (एसपीडी) सर्वशिक्षा अभियान से की थी। एसपीडी के निर्देश पर बीएसए ने तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की समिति गठित कर जांच सौंप दी। जांच कमेटी में शामिल बीईओ पथरदेवा डीएन चंद, बीईओ बरहज शैलेंद्र कुमार और बीईओ सलेमपुर लक्ष्मीनारायण ने नियुक्ति में फर्जीवाड़ा समेत कई मामले पकड़े। विभागीय अभिलेखों में और रिचा वर्मा द्वारा प्रस्तुत अभिलेखों में अंतर मिला। 

नियुक्ति पाने के लिए रिचा वर्मा ने बीए और बीएड के प्राप्तांक को बढ़ाकर दर्शाया था। साथ ही जन्मतिथि में भी हेर-फेर किया था। इसके अलावा रिचा वर्मा की नियुक्ति वार्डेन (कला, गृह विज्ञान एवं संगीत) विषय के लिये हुयी थी, वह उस विषय की योग्यता ही नहीं रखती हैं। उनके पास कला, गृह विज्ञान व संगीत में से किसी विषय में योग्यता नहीं है। वह इतिहास और भूगोल विषय से बीए हैं।

बीएसए ने जांच समिति की रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए वार्डेन की संविदा समाप्त कर दी। साथ ही बर्खास्त वार्डेन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और प्रथम नियुक्ति के समय से अब तक आहरित वेतन रिकवरी का निर्देश जिला समन्वयक बालिका शिक्षा को दिया।

जांच समिति ने आठ महीने पहले सौंपी थी रिपोर्ट
सूत्रों की मानें तो तीन सदस्यीय समिति की अपनी जांच रिपोर्ट आठ महीने पहले ही तत्कालीन प्रभारी बीएसए को सौंप दी थी। पर कार्रवाई की बात आयी तो तत्कालीन बीएसए ने अपने हाथ पीछे खींच लिए। अब इधर जब प्रदेश भर में कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में तैनात शिक्षकों कर्मचारियों की जांच शुरू हुयी है तो मामला फिर तूल पकड़ लिया और बीएसए ने जांच समिति की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए वार्डेन को बर्खास्त कर दिया।

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