देवरिया:जिलाधिकारी ने पत्रकार वार्ता में गेहूॅ क्रय के प्रगति की दी जानकारी

विज्ञापन

देवरिया टाइम्स

जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने विकास भवन गांधी सभागार में पत्रकारों से गेहूॅ क्रय के प्रगति चर्चा में बताया कि जनपद में वर्तमान में 139 गेहूँ क्रय केन्द्र स्वीकृत है, जिसमें खाद्य विभाग के 22, पी०सी०एफ० के 64 यू०पी०एस०एस० के 17 पी०सी०यू० के 33, मण्डी परिषद के 02 एवं भारतीय खाद्य निगम के 01 क्रय केन्द्र है, जिन पर गेहूँ क्रय कराया जा रहा है। वर्तमान में 06 क्रय एजेन्सी खाद्य विभाग, मण्डी परिषद, पी०सी०एफ०, पी०सी०यू०, यू०पी०एस०एस० एवं भारतीय खाद्य निगम द्वारा गेहूँ क्रय किया जा रहा है। गेहूँ क्रय की अवधि 01 अप्रैल 2021 से 15 जून 2021 तक प्रभावी रहेगी। गेहूँ का मूल्य रू0 1975/- प्रति कुछ है। जनपद में दिनांक 28.05.2021 तक कुल 11438 कृषकों से 61999.292 मी0टन गेहूं खरीद की जा चुकी है। जनपद में प्रति किसान औसत खरीद 54.20 कुछ है। जनपद में गत वर्ष दिनांक 28.05.2020 तक 5786 कृषकों से 30786.287 मी0टन गेहूँ क्रय हुई थी। इस वर्ष खरीद दिनांक 28.05.2021 तक गत वर्ष की खरीद की दोगुनी है। गत वर्ष कुल 7995 कृषकों से 45581.321 मी0टन गेहूँ क्रय की गयी थी। जनपद में कुल उपलब्ध बोरे 3179 गांव के सापेक्ष 2480 गांठ बोरे में अब तक गेहूँ क्रय की जा चुकी है। वर्तमान में 699 गांठ बोरे उपलब्ध है, जिनमें गेहूँ क्रय की जा रही है। जनपद को बोरे प्राप्त कराये जाने हेतु सम्भागीय खाद्य नियंत्रक गोरखपुर सम्भाग गोरखपुर को 800 गांठ बोरे जनपद को उपलब्ध कराने हेतु डिमाण्ड पत्र भेजा गया है, जिसके सापेक्ष 300 गांठ बोरे जनपद को कुशीनगर जनपद द्वारा प्राप्त कराया जा रहा है।

क्रय केन्द्रों का निरीक्षण
जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), अपरजिलाधिकारी (प्रशासन) महोदय, उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार द्वारा पिछले 02 दिनों के अन्दर 120 क्रय केन्द्रों का निरीक्षण किया गया है। इन निरीक्षणों में पायी गयी कमियों को दूर करने के लिए सम्बन्धित जिला प्रबन्धकों को निर्देश दिये गये। जनपद के केन्द्रों पर नियमित रूप से निरीक्षण करने हेतु जिलास्तरीय अधिकारियों की भी ड्यूटी लगायी गयी है।

भण्डारण की स्थिति
जनपद में गेहूँ उतार हेतु भा०या०नि० का भण्डारण क्षमता 02 डिपों में 42420.00 मी0टन उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त सोनूघाट (सोन्दा) में 5000.00 मी0टन एवं गौराखास में 1200.00 मी0टन का गोदाम भण्डारण हेतु लिया गया है। जनपद में भण्डारण की समस्या आने पर पी०ई०जी० कुशीनगर (अर्जुनहा), पट्टनघूस एवं एसडब्लूसी० चौरी चौरा में भी गेहूँ का उतार हो रहा है।
उक्त के क्रम में जनपद के समस्त उपजिलाधिकारीगण अपने-अपने तहसील में गेहूँ के भण्डारण हेतु कई स्थलों का निरीक्षण किया गया है एवं इससे भारतीय खाद्य निगम के डिपों प्रबन्धक को अवगत कराया गया है, जिसमें रुद्रपुर में प्राइवेट गोदाम को गेहूँ भण्डारण हेतु उपयुक्त पाया गया है, जिसकी क्षमता 40 से 50 हजार बोरे है।
सी०सी० रोड पर स्थित केड़िया गोदाम का स्थलीय निरीक्षण किया गया, निरीक्षण के उपरान्त उक्त गोदाम जिसकी क्षमता लगभग बीस हजार कु० है, को गेहूँ के भण्डारण हेतु भारतीय खाद्य निगम द्वारा सहमति व्यक्त की गयी है।

कार्यवाही
जनपद में गेहूँ खरीद में पायी गयी अनियमितता के कारण विपणन शाखा केन्द्र भटनी केन्द्र प्रभारी मुकेश कुमार शुक्ला, वि०नि० निलम्बित करने हेतु संस्तुति आयुक्त खाद्य तथा रसद विभाग, उ०प्र० को कर दी गयी है। खरीद कम करने वाले सहकारिता के 07 क्रय केन्द्र प्रभारियों का वेतन माह मई 2021 का रोक दिया गया है। 01 केन्द्र प्रभारियों द्वारा खरीद में हीलाहवाली करने के कारण उनका हस्ताक्षर अमान्य कर दिया गया है। जिन क्रय केन्द्रों की खरीद कम है, उन केन्द्रों से सम्बन्धित सहायक विकास अधिकारी उनके पर्यवेक्षण हेतु प्रतिकूल प्रविष्टि प्रस्तावित कर दी गयी है। शिथिल पर्यवेक्षण हेतु एक अपर जिला सहकारी अधिकारी को भी प्रतिकूल प्रवृष्टि प्रस्तावित की गयी है।

भुगतान
क्रय गेहूँ के मूल्य रू० 12244.860 लाख के सापेक्ष रु० 9126.885 लाख का भुगतान कृषकों के खाते में पी०एफ०एम०एस० के माध्यम से किया गया है, जो 74.53 प्रतिशत है। शेष का भुगतान शीघ्र कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा पी०सी०एफ० पी०सी०यू० एवं यू०पी०एस०एस० के प्रबन्ध निदेशक (एम०डी०) को धनराशि उपलब्ध कराने हेतु पत्र प्रेषित किया गया है।
भा०या०नि० द्वारा पी०सी०यू० को धनराशि 706 लाख, पी०सी०एफ० को 200 लाख एवं यू०पी०एस०एस० को 250 लाख तत्काल प्रेषित की गयी। जिला प्रभारी पी०सी०यू० पी०सी०एफ० एवं यू०पी०एस०एस० को तत्काल उक्त धनराशि को कृषकों के खाते में प्रेषित करने हेतु कड़े निर्देश दिये गये।
अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०)/जिला खरीद अधिकारी द्वारा क्रय गेहूँ के भुगतान की मानिटरिंग हेतु एक-एक पेशकार को क्रय एजेन्सियों पर नियुक्त किया गया है। इनके द्वारा यह सुनिश्चित किया जायेगा कि जिन किसानों की पहले खरीद हुई है, उनका भुगतान प्रत्येक दशा में पहले किया जाये भुगतान सम्बन्धी समस्याओं से अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) को अवगत कराया जायेगा।

विज्ञापन

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here