साइबर सेल देवरिया द्वारा तहसील सदर देवरिया में अधिवक्तागण को किया गया जागरूक



देवरिया टाइम्स। पुलिस महानिदेशक उ0प्र0 द्वारा जनपदों के समस्त पुलिस अधिकारियों को प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को ‘‘साइबर जागरूकता दिवस” के अन्तर्गत साइबर अपराध रोकथाम एवं बचाव के संबन्ध में आमजन मानस को जागरूक किये जाने के निर्देश दिये गये थे, जिसके क्रम में बुधवार को मु0आ0 शिवमंगल, कां0 प्रद्युम्न जायसवाल, कां0 दीपक सोनी, कां0 विजय राय, म0कां0 प्रियंका मिश्रा द्वारा सदर तहसील प्रांगण स्थित अधिवक्तागण को साइबर अपराध एवं उसके बचाव के संबन्ध में जागरूक किया गया। जहां पर तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सच्चिदानंद श्रीवास्तव, श्री कमल मणि त्रिपाठी पूर्व अध्यक्ष, राम छबीला यादव मंत्री एवं अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

इसी प्रकार समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष द्वारा अपने-अपने क्षेत्रान्तर्गत गांवों, बैंकों में कार्यक्रम आयोजन करते हुए लोगों को साइबर अपराध एवं उसके बचाव के संबन्ध में जागरूक किया गया। ‘‘साइबर जागरूकता दिवस” पर साइबर अपराध जैसे इन्टरनेट बैंकिंग, एटीएम कार्ड/क्रेडिट कार्ड, ओलेक्स फ्राड, वालेट/यूपीआई संबन्धित धोखाधड़ी में बरती जाने वाली सावधानियां, फेसबुक हैकिंग, बारकोड के माध्यम से होने वाले फ्राड, व्हाट्सएप् हैकिंग से बचाव, फर्जी वेबसाइट से होने वाले फ्राड के संबन्ध में सावधानियां, फेसबुक, इंस्टग्राम आदि सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों से हनी ट्रैप आदि के बचाव के संबन्ध में विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए जागरूक किया गया।

इसके साथ ही साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल ने हेल्पलाइन नम्बर 155260 के माध्यम से एकीकृत मंच प्रदान किया है जहॉ सभी संबन्धित हितधारक जैसे-स्ंू – म्दवितबमउमदज ।हमदबपमेए ठंदाए म्.ॅंससमज कम्पनियॉ आदि मिलकर काम करती हैं। यह पूरा पोर्टल बैंकिंग प्रणाली को धोखेबाजों के खाते में धन के प्रवाह को अवरूद्ध करने में सक्षम है और उचित कानूनी प्रक्रिया के बाद न केवल पीड़ित का पैसा वापस किया जा सकता है अपितु अपराध कर्ता के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही भी की जा सकती है। इस हेल्पलाइन नम्बर पर साइबर ठगी से पीड़ित व्यक्ति अपनी शिकायत फोन कॉल के माध्यम से दर्ज करा सकता है। ऑनलाइन वित्तीय फ्रॉड से संबन्धित मामलों में यथाशीघ्र पीड़ित व्यक्ति को हेल्पलाइन नम्बर 155260 या 112 पर शिकायत दर्ज करानी होगी। शिकायत दर्ज कराने पर सुनवाई अधिकारी द्वारा शिकायतकर्ता का

नाम, मोबाईल नम्बर, बैंक/वॉलेट/मर्चेेन्ट का नाम जिस खाते से रूपये डेविट हुए हैं, ट्रान्जेक्शन आईडी, ट्रान्जेक्शन दिनांक, डेविट कार्ड/क्रेडिट कार्ड का विवरण, शिकायतकर्ता की ई-मेल आईडी, जिस बैंक खाते/वालेट/यूपीआई आईडी से गया है संबन्धित फ्राड ट्रान्जेक्शन डिटेल का स्क्रीन शॉट आदि के माध्यम से रूपये स्थानान्तरित हुए हो या प्राप्त हुए हो आदि की जानकारी ली जायेगी।

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