3 करोड़ की धनराशि आहरित होने के बाद भी 111 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय अपूर्ण


देवरिया टाइम्स।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर जनपद में सामुदायिक शौचालय के निर्माण में गंभीर अनियमितता मिलने पर 19 ग्राम पंचायत अधिकारी और 44 ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस दिया गया है। इन सभी कर्मियों ने अपनी -अपनी तैनाती स्थल पर सामुदायिक शौचालय के निर्माण के लिए लगभग 3,02,26,000 का आहरण किया है। धन आहरण के 1 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जनपद के कुल 111 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण अभी तक पूर्ण नहीं हो सका है, जबकि इन कर्मियों ने अपनी रिपोर्ट में शौचालयों को पूर्ण दिखाते हुए उसकी जिओ टैगिंग भी दर्शा दी है।

जिलाधिकारी ने सामुदायिक शौचालय के निर्माण से जुड़ी शिकायतों के आधार पर कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया, जिसमें कई गंभीर खामियां मिली। जिला पंचायत राज अधिकारी ने अपनी जाँच रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर उल्लिखित है कि इन ग्राम पंचायत स्तरीय कार्मिकों द्वारा न सिर्फ सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूर्ण दिखाया गया है, बल्कि उक्त शौचालयों का फर्जी जिओ टैग कराकर शासन एवं उच्चाधिकारियों को भी गुमराह करने का प्रयास किया गया है।

इनके द्वारा बिना सामुदायिक शौचालयों को पूर्ण कराये केयर-टेकर का भुगतान भी किया जा रहा है, जिससे शासकीय धन की भारी क्षति हो रही है। इन सभी कार्मिकों के कृत्य से सामुदायिक शौचालय के निर्माण एवं क्रियाशील न होने के कारण ग्राम पंचायत के निवासियों को मिलने वाली नागरिक सुविधाएं बाधित हुई है एवं शासकीय धन का दुरुपयोग/हानि हुआ है। इन कार्मिकों के कृत्य की वजह से ग्राम पंचायत में खुले में शौच से मुक्ति एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 में लक्षित ओडीएफ स्थिति की निरंतरता प्रभावित हुई है।

जिन ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय से जुड़ी अनियमितता पायी गई है उनमें अम्मा पाण्डेय, पुरैनी, रायबारी, मदरापाली बुलाकी, गोलऊथा, पिपरा पुरुषोत्तम, बंकुल,कुरमौली, सहजौर, डमरभिसवा, बेलही,धर्मखोर करन, भठवा तिवारी, रुस्तम बहियारी,फुलवरिया, परोहा, सिंहपुर, हरपुर, शंकरपुरा, जगहत्था, कटघरा, जैतपुर, बांकी सिंगही, रोपन छपरा, ठाकुर गौरी, रघुनाथपुर, कुकुरघांटी, मुजुरी खुर्द, भीमपुर, महुअवा 2, कम्हरिया, जोगिया, महुआपाटन, भठवा तिवारी, रघुनाथपुर, कोरयां, बगही, सुकरौली, गोहरिया, पिपरा बाबूपट्टी, विशुनपुरा, नरायनपुर दूबे, केहुनिया, कुकुरघांटी, लाखोपार, कटाईटीकर, बडका गांव, छपिया, ड्योढी, सहजौर, जगदीशपुर, लाखोपार, बडका गांव, नरायनपुर दूबे, छपिया, रेवली, खैराबनुआ, बखरा खास, अकटहिया, करायल शुक्ल,

कडसरवा बुजुर्ग, डीहा बसन्त, शेरवा बभनौली, नरौली खेम, कौलाछापर, मोहरा, महुअवा खुर्द, चकउर फकीर, परोहा, कटाईटीकर, विशुनपुरा, कोठा, गौतमा, जैतपुरा, हरनही, नेतवार, खुदिया बुजुर्ग, कैथवलिया, मधवापुर, लक्ष्मीपुर, पाण्डेय भिसवा, बेलडाड़, बिलौजी भैया, बराव, गौरा कटईलवा, देईडीहा, बलुआ, भगवानपुर चौबे, अहिरौली बघेल, परसिया छितनी सिंह, प्रतापछापर, भरौली, शंकरपुरा, बेलवा, तेलिया कला, चकरा बोधा, देउबारी, मिश्रौली उर्फ तरौली, बरडीहा चन्दन, बरडीहा नथमल, करनपुर उर्फ पचफेडा, सिरसिया, दोघडा, जिरासो, इमिलिया उर्फ भगवानपुर, दुबौली, गौनरिया, मुण्डेरा, पटना(उकिना), पिण्डी, रुच्चापार आदि शामिल हैं।

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इन सभी कर्मचारियों को नोटिस देने के निर्देश दे दिए गए हैं। इन्हें सात दिन की समयसीमा में जवाब देना होगा। जवाब संतोषजनक न होने की स्थिति में शासन की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दुरूपयोगित धनराशि की वसूली, अनुशासनात्मक कार्यवाही एवं अन्य विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। शासकीय धन का दुरुपयोग किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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