लापरवाही पर तरकुलवा थानेदार और दरोगा को न्याय पीठ बाल कल्याण समिति ने तलब किया


देवरिया टाइम्स

गन्ने के खेत में लावारिस मिले नवजात को जबरन अपनाने वाली महिला के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना तरकुुलवा पुलिस को महंगा पड़ गया। थानेदार और बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (दरोगा) को न्याय पीठ बाल कल्याण समिति ने तलब किया है।
तरकुुलवा थाना क्षेत्र के मुजहना घाट निवासी अनीता देवी को करीब 15 दिन पूर्व एक लावारिस नवजात गन्ने की खेत में मिला। महिला ने अपनी देख-रेख में उसका इलाज कराया। 13 सितंबर को महिला के घर चाइल्ड लाइन के सदस्य और तरकुलवा पुलिस पहुंची। नवजात को महिला ने देने से इंकार करते हुए रिश्तेदार के घर होने की बात कही। गांव वालों ने भी इसका विरोध किया। मामला बढ़ता देख पुलिस लौट गई। वहां मौजूद राजनीतिक लोगों ने तर्क दिया कि मानवता के नाते महिला शिशु को अपनाई है। कानूनी प्रक्रिया के तहत नवजात शिशु महिला को ही दिया जाए। इसे गंभीरता से लेते हुए न्याय पीठ बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) के सदस्य/मजिस्ट्रेट राजेश वर्मा ने तरकुलवा थानेदार और बाल कल्याण पुलिस अधिकारी (दरोगा) को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि दो बार चाइल्ड लाइन की टीम मुजहना गई और थाने पर भी कार्रवाई के लिए पहुंची थी। थाने पर चाइल्ड लाइन समिति की तहरीर तक नहीं ली गई और सीयूजी नंबर पर कई बार फोन करने पर थानेदार ने रिसीव नहीं किया, जो लापरवाही को दर्शाता है। अभी तक नवजात को जबरन रखने वाली महिला पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। 24 सितंबर को 11.30 बजे पीठ के समक्ष थानेदार और बाल कल्याण पुलिस अधिकारी को उपस्थित होकर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का समय सीडब्लूसी के सदस्य/मजिस्ट्रेट ने दी है। तरकुलवा इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा ने बताया कि तहरीर नहीं मिली थी। इस लिए कार्रवाई नहीं हुई है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। नोटिस के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।

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