सीडीओ ने किया पथरदेवा में निर्माणाधीन राजकीय आई०टी०आई० बंजरिया का निरीक्षण


देवरिया टाइम्स।मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार द्वारा आज विकास खण्ड पथरदेवा में निर्माणाधीन राजकीय आई०टी०आई० बंजरिया का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय जिला विकास अधिकारी एवं अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, देवरिया उपस्थित थे।
उक्त निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश वक्फ विकास निगम लखनऊ के द्वारा कराया जा रहा है जिसकी लागत मु० 12.60 करोड़ रू० है जिसके लिए बजट आवंटन 27 मार्च 2022 को कर दिया गया था।

मौके पर अमरजीत यादव की देख-रेख में 12 मजदूर कार्य कर रहे थे। कार्य देखने से प्रतीत होता है कि बहुत दिनों से कार्य रूका हुआ है तथा आज आनन-फानन में कार्य प्रारम्भ कराया गया। बीम निर्माण में प्रयुक्त मशाले में बालू गिट्टी, सीमेन्ट का अनुपात 6:6:2 का प्रयोग किया जा रहा है। मौके पर गिट्टी की जगह भवन निर्माण हेतु प्रयुक्त मलवे को गिट्टी की जगह मलवे का प्रयोग किया जा रहा है। उक्त मलवे में बड़े-बड़े टुकड़े भी मिक्स किया जा रहा है जिससे संरचना कमजोर हो जायेगी।

सम्बन्धित मुंशी के द्वारा बताया गया कि गिट्टी अनुपलब्ध है तथा परिसर में गिट्टी भराई नहीं हो पा रही है जिससे कार्य की प्रगति धीमी है। परिसर में भवन निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री का अभाव पाया गया तथा मात्र 150 बोरी सीमेन्ट 01 ट्राली बालू ही उपलब्ध है। ईट का भी स्टाक नहीं है। इस प्रकार कार्य की गुणवत्ता अधोमानक है। यह कार्य मार्च, 2023 में पूर्ण किया जाना है परन्तु वर्तमान गति से यह कार्य पूर्ण कर पाना सम्भव नहीं है इसके लिए निर्देशित किया गया कि मजदूरों तथा मशीनों की संख्या बढ़ाकर कार्य कराया जाय।

विकास खण्ड पथरदेवा में सामुदायिक विकास योजनान्तर्गत जर्जर आवासीय एवं अनावासीय भवन तथा सभाकक्ष के निर्माण कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया गया। उक्त कार्य अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग प्रखण्ड देवरिया द्वारा कराया जा रहा है जिसकी मूल लागत मु० 4,25,72,000.00 (रू0 चार करोड पच्चीस लाख बहत्तर हजार मात्र है। उक्त कार्य पर 1:00 करोड़ रू० मार्च, 2022 से पूर्व ही जारी किया जा चुका है जिसके सापेक्ष पुराने भवन के ध्वस्थीकरण हेतु लोक निर्माण विभाग द्वारा मूल्यांकन कराया जा चुका है परन्तु ध्वस्थीकरण की प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हुई है। यह अत्यन्त ही खेदजनक है तथा शासन स्तर से गहरा रोष व्यक्त किया जा रहा है। अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग प्रखण्ड देवरिया को निर्देशित किया गया कि तत्काल ध्वस्थीकरण का कार्य प्रारम्भ करने के पश्चात भवन निर्माण की कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा निर्धारित समयावधि में निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
विकास खण्ड पथरदेवा कार्यालय का निरीक्षण किया गया। विकास खण्ड परिसर में ग्राम पंचायत सचिवों का आवंटित कमरों में सचिव उपस्थित नहीं थे तथा एक कक्ष जो जे०पी० यादव ग्राम पंचायत अधिकारी को आवंटित बताया गया, जे०पी० यादव ग्रा०पं० सचिव के कमरे में कुछ अनाधिकृत लोग बैठे पाये गये। एक व्यक्ति के बारे में बताया गया कि सचिव के सहायक के रूप में कार्य करते है। खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि अपनी अनुपस्थिति के सम्बन्ध में कारण स्पष्ट करें। उपस्थित पंजिका का अवलोकन किया गया। उपस्थित पंजिका के अनुसार सहायक विकास अधिकारी (कृषि) रामबिलास अनुपस्थित पाये गये तथा लेखाकार मुकेश श्रीवास्तव हस्ताक्षर बनाकर देवरिया चले गये थे जिनका भ्रमण पंजिका में उल्लेख नहीं है। विकास खण्ड में कुल 06 तकनीकी सहायक है जिसमें कौशलेन्द्र प्रताप सिंह, तकनीकी सहायक अनुपस्थित पाये गये। मृत्युन्जयदेव पाण्डेय और अमरेन्द्र के द्वारा हस्ताक्षर बनाया गया था तथा भ्रमण पंजिका पर भ्रमण अंकित था। शेष 03 तकनीकी सहायक मुरली मनोहर पाण्डेय,जयप्रकाश सिंह, शिवाकान्त मणि हस्ताक्षर बनाकर भ्रमण पंजिका में कोई निरीक्षण का कोई उल्लेख नहीं किया गया है परन्तु निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाये गये। खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि अनुपस्थित तकनीकी सहायक का आज का मानदेय आहरण न करें।
विकास खण्ड में कुल 03 मिशन मैनेजर कार्यरत है जिसमें गजेन्द्र यादव उपस्थित पंजिका पर हस्ताक्षर के बाद उपस्थित नहीं पाये गये। खण्ड विकास अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि गजेन्द्र यादव देवरिया मुख्यालय पर मूहर बनवाने गये है। यह स्थिति संतोषजनक नहीं है। इनका स्पष्टीकरण प्राप्त करने हेतु खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया।


जिला विकास अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि उनके द्वारा पूर्व में ग्रान्ट रजिस्टर का निरीक्षण किया गया था जिसमें मुकेश श्रीवास्तव, लेखाकार द्वारा माहवार रि-कान्सिलेशन की कार्यवाही नहीं की जा रही है तथा अक्टूबर माह के बाद बैंक स्टेटमेन्ट से पासबुक का मिलान कर ग्रान्ट रजिस्टर पार्ट-3 अद्यतन नहीं किया जा रहा है इसके लिए रजिस्टर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गये परन्तु खण्ड विकास अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि आलमारी की चाभी मुकेश कुमार श्रीवास्तव, लेखाकार के पास है जिसके कारण रजिस्टर का अवलोकन नहीं किया जा सका। खण्ड विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि रजिस्टर स्वयं लाकर अवलोकित करायेगें।

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