सीडीओ ने फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के अन्तर्गत उपलब्ध कराये गये कृषि यंत्रों के किराये निर्धारण करने के सम्बन्ध में की बैठक


देवरिया टाइम्स। ग्राम पंचायत स्तर पर फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के अन्तर्गत उपलब्ध कराये गये कृषि यंत्रों के किराये निर्धारण करने के सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र की अध्यक्षता में ग्राम प्रधान ग्राम सचिव एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) के साथ संयुक्त बैठक गांधी सभागार, विकास भवन, देवरिया में की गई।


बैठक में सम्बन्धित ग्राम के ग्राम प्रधान ग्राम सचिव एवं सहायक विकास अधिकारी (कृषि) के साथ-साथ भूमि संरक्षण अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी भी उपस्थित थे। वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 11 विकास खण्ड के 16 ग्राम पंचायतों में फसल अवशेष प्रबन्धन हेतु फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना के अन्तर्गत कृषि यंत्र यथा- एम०बी०प्लाऊ, सुपर सीडर, जीरोटिल, पैडी स्ट्राचापर, काप रीपर रोटरी स्लेशर आदि 80 प्रतिशत

अनुदान पर उपलब्ध कराया गया था। विकास खण्ड बैतालपुर के ग्राम पंचायत चतुर्भुजपुर, सिरजम खास, विकास खण्ड- बनकटा में ग्राम पंचायत-भड़सर, वि०ख० पथरदेवा में ग्राम पंचायत मुरार छापर, वि०ख० देसही देवरिया में ग्राम पंचायत – बालकुआं, पिपरादौलाकदम, वि०ख० गौरीबाजार में ग्राम पंचायत अर्जुनडीहा, पोखरभिण्डा, वि०ख०-भलुअनी में ग्राम पंचायत दोहनी नारंगा, वि०ख० बरहज में ग्राम पंचायत कपरवार वि०ख० तरकुलवा में ग्राम पंचायत महुअवां वि०ख० लार में ग्राम सजांव, वि०ख०- रूद्रपुर में ग्राम जोतसेमरौना, वि०ख० भाटपाररानी में ग्राम सवरेजी एवं कुक्कुरघाटी में फसल अवशेष प्रबन्धन के कृषि यंत्र उपलब्ध कराये गये हैं।


बैठक के दौरान संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया गया कि ग्राम पंचायत पर उपलब्ध कृषि यंत्रों का रू0 600/एकड़ की दर से शुल्क प्राप्त कर किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराया जायेगा तथा इसका लॉगबुक ग्राम सचिव द्वारा भरा जायेगा। बैठक में समस्त सहायक विकास अधिकारी (कृषि) ग्राम सचिव एवं ग्राम प्रधान को निर्देशित किया गया कि इसका प्रचार-प्रसार संबंधित ग्राम पंचायत के साथ-साथ जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों में भी अधिक से अधिक किया जाय जिससे कहीं भी पराली जलाने की घटना न होने पाये।
क्षेत्रों में किसानों को पराली जलाने पर 02 एकड़ से कम क्षेत्रफल में रू० 2500/-, 02 से 05 एकड़ तक के क्षेत्रफल में रू0 5000/- एवं 05 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में 15000/- तक का जुर्माना वसूल किया जायेगा। साथ ही फसल कटाई के दौरान कम्बाईन हारवेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट, स्ट्रारीपर, रेक, बेलर आदि फसल अवशेष कृषि यंत्रों का प्रयोग किया जाना अनिवार्य है। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि यदि कोई कम्बाईन हारवेस्टर फसल कटाई के दौरान इन यंत्रों का उपयोग नहीं करता है तो कम्बाईन हारवेस्टर को तत्काल सीज करते हुए कम्बाइन हारवेस्टर मालिकों को स्वयं के खर्च पर सुपर स्ट्रा मैनेजमेन्ट लगवाकर ही कम्बाइन हारवेस्टर छोड़ा जाय।
अंत में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा यह भी निर्देश दिया गया कि फसल अवशेष प्रबन्धन हेतु गोष्ठियां आयोजित कर सार्वजनिक स्थान पर होर्डिंग लगाकर एवं प्रचार वाहनों के माध्यम से उपरोक्त का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाय एवं फसल अवशेष जलाने की घटना पाई जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर कार्यवाही करायी जाय।

spot_img

Similar Articles

Advertismentspot_img

ताजा खबर