भगवान को पाने का भागवत ही माध्यम



देवरिया टाइम्स।
भलुअनी के विरजापुर झगटौर में भागवत कथा का आयोजन किया गया। कथा वाचक राघवेंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान को पाने का भागवत ही एकमात्र माध्यम है। मानव को सदैव धर्मपालन करना चाहिए।

शास्त्री ने कहा कि संसार में तीन वस्तु दुर्लभ हैं। मनुष्य को जन्म मिलना, मोक्ष की इच्छा होना और किसी महापुरुष का आश्रय मिल जाना, ये तीनों वस्तु भगवान की कृपा से प्राप्त होती हैं। भगवान को पाने के लिए भागवत कथा सर्वोत्तम साधन है। आत्मा रथी है, शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है, मन लगाम है, इंद्रियां घोड़े हैं, इंद्रियों के जो विषय हैं वही मार्ग है। जब किसी को कहीं जाना होता है, तभी वह रथ में बैठता है। हम भी शरीर रूपी रथ में बैठे हुए हैं। मानव को सदैव धर्मपालन करना चाहिए। लोक व्यवहार को शिथिल कर दो, त्याग दो, सद्पुरूषों की सेवा करो, विषय वासनाओं को हृदय से निकाल कर भागवत कथाओं का रसपान करते रहो। जिस प्रकार आकाश में कितनी चिड़ियां उड़ती रहती हैं। उनको दाना लेने के लिए जमीन पर उतरना पड़ता है। वैसे प्राणी कितना भी इधर-उधर भटकता रहे, उसको सुख शांति भगवान की शरण में ही मिलेगी। इस मौके पर श्रीकांत मिश्रा विंध्यवासिनी देवी अनिल सुनील अशोक द आदि लोग मौजद रहे

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