बैंकर्स एवं प्रशासन आपसी समन्वय के साथ करें कार्य -डीएम


देवरिया टाइम्स। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने सभी बैंकर्स एवं इससे जुडे विभागो को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बैंक/वित्त पोषित योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुॅचाये जाने का निर्देश दिया है। उन्होने कहा है कि आर्थिक स्वालम्बन का प्रमुख आधार बैंको की वित्त पोषित योजनाये होती है, इसमें किसी भी प्रकार की कोई शिथिलता नही होनी चाहिये।
जिलाधिकारी श्री निरंजन विकास भवन के गांधी सभागार में बैंकर्स की जिला स्तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक समीक्षा की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होने किसानो के लिये संचालित केसीसी को प्राथमिकता के साथ बनाये जाने एवं अन्य शासकीय योजनाओं की लक्ष्य प्राप्ति हेतु संघन अभियान चलाये जाने का निर्देश दिया। उन्होने बैंकर्स एवं प्रशासन के बीच आपसी समन्वय पर बल दिया। उन्होने यह भी कहा कि यदि बैकों की कोई समस्या हो तो बेहिचक उसे संज्ञान में ला सकते है। उसका समाधान कराया जायेगा। उन्होने बैठक में दिये गये निर्देशों एवं निर्णयों को जनपद के सभी बैंक शाखाओ में सुलभ कराये जाने का भी निर्देश इस समिति को दिया, जिससे कि उसका समुचित रुप से क्रियान्वयन हो सके।


जिलाधिकारी श्री निरंजन उद्योग, ग्रामोद्योग, मत्स्य, कृषि सहित अन्य विभाग जिनमें बैंक पोषित योजनाये संचालित है, उसकी गहनता से समीक्षा करते हुए बैकों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी योजनाओं में जो भी पत्रावलिया लम्बित हो व लक्ष्य आवंटित हो, उसका शतप्रतिशत पूर्ति पूरी कार्य योजना के साथ सुनिश्चित किये जाये। उन्होने प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, मुख्यमंत्री माटी कला योजना, पं0दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता समूहों के सीसीएल/बैंकवार ऋण आदि के कार्य प्रगतियों की समीक्षा करते हुए सभी बैंकों एवं जुडे विभागो को आपसी समन्वय के साथ बेहतर प्रगति लाये जाने का निर्देश उन्होने दिया। साथ ही साख जमा अनुपात में भी सुधार लाये जाने का निर्देश उन्होने सभी बैंकर्स को दिये। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजनान्तर्गत बैंक क्रेडिट लिंकेज की लम्बित प्रकरणों को सभी बैकों को पूर्ति किए जाने का निर्देश दिया। समीक्षा में पाया गया कि 2530 प्रकरण बैकों को प्रेषित किए गए है, जिसके सापेक्ष 850 स्वीकृत हुए हैं। 741 को त्रुटियुक्त होने पर वापस किया गया है तथा 939 बैंक क्रेडिट लिंकेज अभी भी लम्बित है, जिसे शीघ्रता के साथ पूर्ति करने के निर्देश बैंकों को दिए गए।


आरसेटी के तहत वर्तमान में बीसी सखी का प्रशिक्षण चल रहा है, कुल 1125 बीसी सखी चयनित है, इसमें से 566 को प्रशिक्षित किया जा चुका है, 561 को प्रशिक्षण उपरान्त सर्टिफिकेट कोर्स का प्रमाण पत्र दिया जा चुका है। इसमें से 241 बीसी सखी फिनो पेमेन्ट्स बैंक हेतु विभिन्न गांवो में कार्य कर रही है। प्रशिक्षण के सापेक्ष शतप्रतिशत सभी बीसी सखी से कार्य लिए जाने का निर्देश जिलाधिकारी ने दिया।
अन्त में एलडीएम राकेश कुमार श्रीवास्तव ने जिलाधिकारी को आश्वस्त करते हुए कहा कि दिये गये सभी निर्देशो का पालन होगा। यह जनपद प्रथम स्थान हासिल करें, इसके लिये सभी का प्रयास होगा। यह पूर्ण विस्वास है कि जिलाधिकारी द्वारा जो भी निर्देश दिये गये है, उसका सभी बैंकर्स पालन करते हुए जनपद को वित्त पोषित योजनाओं में प्रथम स्थान दिलाये जाने में अपनी भागीदारी निभायेगें।
इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री निरंजन एवं मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार को पुष्पगुच्छ प्रदान कर एवं शाल ओढा कर ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक यादराम एवं आरसेटी निदेशक ए के द्विवेदी द्वारा किया गया।
बैठक में उपायुक्त उद्योग अनुराग यादव, कृषि, मत्स्य, पशुपालन, ग्रामोद्योग सहित जुडे अन्य विभागो के अधिकारी गण, बैकों के जनपद स्तरीय समन्वयक आदि उपस्थित रहे।

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