भारत के संविधान निर्माण में बाबा साहेब की अहम भूमिका



देवरिया टाइम्स। युग निर्माण सीनियर सेकेंड्री स्कूल में बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गयी ।विद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी हरिशंकर मणि ने बताया कि डॉ भीमराव अंबेडकर के व्यक्तित्व के विषय में छात्रों को ज्ञान होना बेहद आवश्यक है। भारतीय संविधान के पिता कहे जाने वाले डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को महू में हुआ था। बाबा साहेब देश के एक ऐसे शख्स थे जिनकी तुलना किसी और से नहीं की जा सकती। उन्होंने भारत के संविधान निर्माण में एक पिता की भूमिका निभाई।

वे हमेशा शोषितों के लिए लड़ते रहे और जातिवाद को चुनौती देते रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य के के सेन ने बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम प्रारम्भ किया उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डॉ भीमराव अंबेडकर ने हमेशा शोषितों, वंचितों और महिलाओं के लिए कार्य किया है। बाबा साहेब मानते थे कि एक देश तब तक विकास नहीं कर सकता जब तक वहां की औरतें विकसित ना हो जाएं । विद्यालय में भीमराव अंबेडकर जयंती बड़ी धूमधाम से मनाई गई तथा उनके जीवन दर्शन के संबंध में बच्चों को अवगत कराया गया। अंबेडकर के जीवन आदर्शों को अपनाने के लिए बच्चों को प्रेरित किया गया।

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