कोविड वैक्सीनेशन में रुचि नहीं लेने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई:डीएम


देवरिया टाइम्स। जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने गूगल मीट के माध्यम से कोविड-19 वैक्सीनेशन के प्रगति की समीक्षा की। वैक्सीनेशन के कार्य में ख़राब प्रदर्शन करने वाले 5 एमओआईसी से स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही लापरवाही बरतने वाली एक एएनएम की सेवा समाप्ति की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया।
      समीक्षा बैठक के दौरान यह तथ्य सामने आया कि भागलपुर, भलुअनी, महेन, तरकुलवा के एमओआईसी द्वारा कोविड वैक्सीनेशन के लिए निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति हेतु अपेक्षित प्रयास नहीं किया जा रहा, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की और स्पष्टीकरण मांगा है। जिलाधिकारी ने भलुअनी के फतेहपुर स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम को बिना सूचना के 3 दिन से अनुपस्थित रहने और वैक्सीनेशन के काम मे रुचि न लेने पर सेवा समाप्ति की कार्यवाही प्रारम्भ करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें रुचि न लेने वाले अधिकारी सख्त कार्यवाई के लिए तैयार रहें।
      जिलाधिकारी ने बताया कि डोर-टू-डोर सर्वे के दौरान वैक्सीन न लगवाने वाली चिन्हित गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को चिन्हित कर कोविड-19 से बचाव हेतु प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण  करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने बताया कि वैक्सीन गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है। ड्यू लिस्ट के अनुसार इन्हें वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है।


      जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को अतिकुपोषित बच्चों के परिजनों का कोविड वैक्सीनेशन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।
      जिलाधिकारी ने सभी एमओआईसी को कोविड वैक्सीनेशन का सत्रवार मॉनिटरिंग के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी।
       समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार, सीएमओ डॉ आलोक पांडेय, एसीएमओ डॉ सुरेंद्र चौधरी, डब्लूएचओ के प्रतिनिधि डॉ अंकुर सांगवान, यूनिसेफ के प्रतिनिधि डॉ गुलजार त्यागी सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी मौजूद थे।

*विदेश से आने वाले यात्रियों के लिए डेडिकेटेड वार्ड बनाने का निर्देश*
     जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने बताया कि कोविड-19 के ओमीक्रोन वेरिएंट के संभावित खतरे को देखते हुए जनपद में विदेश से आने वाले सभी यात्रियों की सैंपलिंग अनिवार्य रूप से हो। उन्होंने बताया कि विदेश यात्रा करके अभी तक 774 यात्री जनपद में आए है, जिनमें से 303 लोगों की सैंपलिंग हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग विदेश यात्रा करके आये सभी लोगों की निगरानी कर रहा है। इसके लिए बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर कोविड हेल्पडेस्क के माध्यम से टेस्टिंग की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि विदेश यात्रा करके आये लोगों के लिए जिला अस्पताल में एक डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने का निर्देश दे दिया गया है।

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