देवरिया : गबन के आरोप में बंद कोटेदार की जेल में मौत

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देवरिया टाइम्स

देवरिया जिला जेल में बंद एक कोटेदार की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। कोटेदार 19 अप्रैल को खाद्यान्न गबन के आरोप में अपने ग्राम प्रधान पोते के साथ गिरफ्तार हो किए गए थे। दोनों को ईसी एक्ट के तहत जेल भेजा गया था। पोता अभी भी जेल में है।    

बघौचघाट थाना क्षेत्र के गुरमिया गांव के रहने वाले दशरथ यादव (उम्र 85 वर्ष) गांव के कोटेदार थे। उनके पोते अंकेश यादव गांव के ग्राम प्रधान हैं। कोरोना महामारी में प्रदेश सरकार ने गरीबों को मुफ्त में राशन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। दो अप्रैल को कोटेदार और ग्राम प्रधान गरीबों को राशन नहीं दे रहे थे। मनमाने रुप से राशन का वितरण किया जा रहा था। इसकी शिकायत पर एसडीएम ने जांच किया तो गबन का मामला सामने आया। 

तीन अप्रैल को आपूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर बघौचघाट थाने में कोटेदार दशरथ यादव और ग्राम प्रधान अंकेश यादव के विरुद्ध ईसी एक्ट के तहत पुलिस ने केस दर्ज किया। 19 अप्रैल को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल पहुंचने के बाद दशरथ यादव की तबीयत खराब हो जाने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने उनकी तबीयत ठीक होने पर वापस जेल भेज दिया।  

बुधवार को एकाएक दुबारा उनकी तबीयत एक बार फिर खराब हो गई। जेल प्रशासन ने उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां देर रात मौत हो गई। चिकित्सकों ने इसकी सूचना सदर कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जेल प्रशासन ने कोटेदार की मौत की सूचना परिजनों को दी तो घर में कोहराम मच गया। कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।  

एक बंदी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा गया है।
केपी त्रिपाठी, जेल अधीक्षक

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