बिग ब्रेकिंग: 72 घंटे के अंदर गोरखपुर में मिला कोरोना का दूसरा मरीज,हड़कम्प

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गोरखपुर में पिछले 72 घंटे में दूसरा कोरोना पॉजिटिव मरीज मिला है। मरीज बांसगांव क्षेत्र की एक महिला है। महिला के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि गोरखपुर के सीएमओ डा.श्रीकांत तिवारी ने की है।

मिली जानकारी के अनुसार, पहले मरीज की तरह, दूसरा मरीज भी दिल्‍ली के सफदरगंज अस्‍पताल से निजी एम्‍बुलेंस के जरिये यहां पहुंचा है। परिवार के एक सदस्य का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था। एम्बुलेंस से परिवार गांव पहुंचा। ग्रामीणों ने उन्‍हेें एंट्री नहीं करने दी थी। उसके बाद एम्बुलेंस चालक परिवार को जिला अस्पताल में छोड़ कर गायब हो गया।

यह परिवार मंगलवार को गोरखपुर जिला अस्पताल केे इमरजेंसी परिसर में लावारिस हालत में मिला। इससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने इसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दी। सीओ कोतवाली बीपी सिंह और जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. राजेश कुमार मौके पर पहुंचे। पूछताछ में पता चला कि व्यक्ति दिल्ली से 23 हजार रुपये में प्राइवेट एम्बुलेंस तय करके आया है। एम्बुलेंस चालक ने उसे अस्पताल गेट पर ही छोड़कर वापस लौट गया है। प्रथम दृष्टया जांच में परिवार के किसी सदस्‍य में कोरोना के लक्षण नहीं मिले। मरीज के लिवर में संक्रमण मिला। पूरे परिवार को 100 बेड के टीबी अस्पताल में क्वांरटीन करा दिया गया है। साथ ही कोरोना जांच कराई गई। बुधवार को आई रिपोर्ट में परिवार की एक महिला के कोरोना संक्रमित पाए जाने की खबर मिली।

बांसगांव के भैंसा रानी गांव का रहने वाला चित्रकूट अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली में रहता है। वह सफदरजगंज इलाके में कपड़ा धुलाई का काम करता है। लिवर में संक्रमण की वजह से उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चल रहा था। लॉकडाउन में उसने 23 हजार रुपये में प्राइवेट एंबुलेंस तय किया और अपनी पत्नी, दो बेटी और तीन साल के पोते के साथ अपने गांव बांसगांव थाना के भैंसा रानी के लिए रवाना हुआ।

स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी टीएन बर्नवाल ने बताया कि लोग दिल्ली के सफदरजंग से चलकर गांव पहुंचे। वहां के प्रधान ने इस बात की जानकारी देते हुए सभी को बांसगांव सीएचसी पहुंचवा दिया। जहां से जिला अस्पताल भेज दिया गया। उसी एम्बुलेंस से लोग जिला अस्पताल आ गए। जिला अस्पताल में डॉ. राजेश कुमार ने जांच करते हुए सबको क्वारंटीन कर दिया गया।

खुली चौकसी की पोल, स्वास्थ्य विभाग ने उठाए सवाल
बॉर्डर पर हाई अलर्ट के बावजूद गैर प्रदेश का एम्बुलेंस मंगलवार को बगैर जांच के कैसा आ गया। इस पर पहले दिन ही सवाल खड़े हो गए है। रविवार को ही हाटा-बुजुर्ग निवासी बाबूलाल दिल्ली से सफदरजंग से इलाज कराकर एम्बुलेंस से लौटा। उसी दिन जांच में कोरोना की तस्दीक हुई। इसके बाद सोमवार को प्रशासन ने एक दारोगा और दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया। प्रशासन ने आदेश दिया कि अब बगैर जांच कोई एम्बुलेंस जिले में एंट्री नहीं करेगी। इसके बाद भी बिना जांच के एम्बुलेंस दिल्ली से आ गई। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने सवाल खड़े कर दिए है। 

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