शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास

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देवरिया टाइम्स

भटनी के बहादुर यादव मेमोरियल महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई गई। प्रबंधक अजय यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद आज भी युवाओं के प्रेरणा स्रोत हैं। उनके द्वारा कहीं गई, उठो जागो और तब तक नहीं रुको, जब तक तुम अपने उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर लेते । पंक्तियां युवाओं में ऊर्जा प्रवाहित करती हैं आज भी युवा वर्ग स्वामी जी को अपना आदर्श मानकर अपने लक्ष्य का निर्धारण करते हैं, और उसको प्राप्त करने के लिए समय का सही ढंग से समायोजन कर कठिन परिश्रम करके उस लक्ष्य को हासिल करते हैं ।

स्वामी जी हमारे युवा वर्ग के साथ शिक्षकों के भी आदर्श माने जाते हैं उन्होंने शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य क्या है उसे समझाया है वास्तव में शिक्षा का उद्देश्य ही जीवन निर्माण, व्यक्ति निर्माण और चरित्र निर्माण होना चाहिए हमें ऐसे ज्ञानी कुशल और सही दृष्टिकोण वाले पुरुष व महिलाओं की जरूरत है जो सामाजिक कायाकल्प को रफ्तार दे सकें। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य व्यक्ति का सर्वांगीण विकास है।

छात्र-छात्राओं का जिससे बौद्धिक विकास हो भावनात्मक उन्नयन हो, आध्यात्मिक उत्थान हो, अच्छे संस्कार का बीजारोपण हो चरित्र का निर्माण हो आर्थिक स्वावलंबन के साथ समाज के प्रति दायित्व बोध भी जगे, उनमें जीवन मूल्यों के प्रति आस्था पनपे , राष्ट्र एवं संस्कृति के प्रति अनुराग विकसित हो , साथ ही विश्व मानव की संवेदना का जागरण हो तभी शिक्षा सार्थक माना जाएगा । यह वक्तव्य हमारे पूरे शिक्षक समाज को दायित्व का बोध कराता है यदि हम इसकी सार्थकता को समझ कर काम करें तो निश्चित रूप से शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो जाएगा। समाज में सामाजिकता क्या है संस्कार क्या है इन सारी बातों का मानव जाति में आभास का संचार हो जाएगा। वास्तव में स्वामी जी का चरित्र आज समाज के लिए प्रासंगिक है। उक्त अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंधक अजय यादव,दुर्गेश यादव, प्रधानाचार्य उमेश चंद और आई टी आई के प्रशिक्षु मौजूद रहे।

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