जानिये क्या होता है “चीफ ऑफ डिफेंस” जिसकी घोषणा पीएम मोदी ने की है

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देवरिया टाइम्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त पर लाल किले से सबसे बड़ी घोषणा करते हुए भारत में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त करने की घोषणा की.

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की नियुक्ति से तीनों सेनाओं के बीच समन्वय मजबूत होगा और सैन्य ऑपरेशन की स्थिति में रणनीति पर तेजी से अमल हो सकेगा ।

बता दें कि ब्रिटेन में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) सभी ब्रिटिश सशस्त्र बलों का प्रोफेशनल हेड होता है. सीडीएस वहां के रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री का सबसे सीनियर सैन्य सलाहकार होता है. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ मंत्रालय के सचिव जो वरिष्ठ सिविल सर्वेंट होता है, उसके अंडर काम करता है।

भारत में होगी ये जिम्मेदारी लाल किले से बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सुरक्षा के मोर्चे पर नई चुनौतियों के मद्देनजर देश की तीनों सेनाओं के बीच तालमेल के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) का नया पद सृजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सीडीएस सेना के तीनों अंगों के बीच तालमेल सुनिश्चित करेगा और उन्हें प्रभावी नेतृत्व देगा ।

तीनों सेनाओं पर होगा कमांड बता दें कि इंडिया में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ तीनों आर्म्ड फोर्सेज थल सेना, वायु सेना और नौसेना के लिए प्रस्तावित संयुक्त प्रमुख का पद है. सीडीएस को रक्षा मंत्री के सैन्य सलाहकार के रूप में भी काम करना है. भारत में कारगिल समीक्षा समिति ने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद की सिफारिश की थी. इसके बाद साल 2006 में शामिल सभी पक्षों से परामर्श की प्रक्रिया शुरू हुई. फिर 2017 में सुरक्षा पर कैबिनेट समिति ने सीडीएस के लिए एक पद के निर्माण से संबंधित अंतिम निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू की. जिसका ऐलान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।

कनाडा, फ्रांस, गांबिया, घाना, इटली, नाइजीरिया, स्पेन, श्रीलंका, सियरा लियोन के बाद अब भारत का भी नाम इस लिस्ट में जुड़ गया है, जहां सीडीएस पद होगा. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार साल 1999 में कारगिल युद्ध के बाद ये मुद्दा सामने आया. उस दौर के उप प्रधानमंत्री व भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता में गठित ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स(GOM) ने युद्ध के बाद समीक्षा की जिसमें सामने आया कि युद्ध के दौरान तीनों सेनाओं के बीच समन्वय की कमी रही. अगर तीनों सेनाओं के बीच ठीक से तालमेल होता तो नुकसान कम किया जा सकता था. उस वक्त चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ पद बनाने का सुझाव दिया गया. उस दौरान सेना के कुछ अधिकारियों ने इसको लेकर सवाल खड़े किए थे ।रिव्यू कमेटी के सुझावों के बाद बना था आईसीडीएस करगिल रिव्यू कमिटी के सुझावों के बाद 23 नवंबर, 2001 को आईसीडीएस (इंटेग्रेटिड डिफेंस स्टाफ या एकीकृत रक्षाकर्मी संगठन) बनाया गया था. ये संगठन भारतीय सशस्त्र बलों की विभिन्न शाखाओं के बीच समन्वय और मुद्दों की प्राथमिकता तय करता है. इसमें भारतीय थलसेना, भारतीय नौसेना, भारतीय वायुसेना, विदेश मंत्रालय, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन, रक्षा मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के प्रतिनिधि शामिल हैं।

आईसीडीएस का नेतृत्व डिप्टी चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ के साथ चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ करता है. आईसीडीएस चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन को सुझाव देता है. साथ ही उनके कामों में भी सहायक होता है. अब देखना ये है कि नये पद के सृजन के बाद किस तरह इस संगठन या अन्य सेना प्रमुखों की शक्तियों पर असर आएगा।

लेखक: राज तिवारी(एक्स नेशनल लेवल प्लेयर और विधिक सलाहकार)

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