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दीपावली का अर्थ, शुभ मुहूर्त, पूजन विधि,मंत्र व सामाग्री, आप भी जानिए

दीपावली शब्द दीप एवं आवली की संधि से बना है। दीप का अर्थ दीपक और आवली का अर्थ पंक्ति या श्रृखला से है। इस प्रकार दिपावली का मतलब हुआ दीपों की पंक्ति या श्रृखला। दीपों का यह त्योहार अमावस्या के दिन मनाया जाता है। जिस दिन आसमान में अंधेरा छाया रहता है और दीपों की इस रोशनी से पूरा संसार जगमगा उठता है। दीपावली मनाने के पीछे कई कथाएं प्रचलित है। जो इसके महत्व के बारे में बताती हैं…
दीपावली पर लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त:-
लक्ष्मी पूजा रविवार, अक्टूबर 27, 2019 पर
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त – 06:43pm से 08:15pm
अवधि – 01 घण्टा 32 मिनट्स
प्रदोष काल – 05:41pm से 08:15pm
वृषभ काल – 06:43pm से 08:39pm
अमावस्या तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 27, 2019 को 12:23pm से
अमावस्या तिथि समाप्त – अक्टूबर 28, 2019 को 09:08am बजे तक
दिवाली पूजा की विधि:सबसे पहले भगवान गणेशजी, लक्ष्मीजी का पूजन करें। उनकी प्रतिमा के आगे 7, 11 अथवा 21 दीपक जलाएं तथा मां को श्रृंगार सामग्री अर्पण करें। मां को भोग लगा कर उनकी आरती करें। श्रीसूक्त, लक्ष्मीसूक्त व कनकधारा स्रोत का पाठ करें। खील, बताशे, मिठाई और फल का भोग लगाएं। इस तरह से आपकी पूजा पूर्ण होती है।
माँ लक्ष्मी के दिव्य और चमत्कारी मंत्रो का जाप करे |
विष्णु लक्ष्मी मंत्र: 1-
ॐ ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नम:।
श्री लक्ष्मी मंत्र : 2-
ॐ आं ह्रीं क्रौं श्री श्रिये नम: ममा लक्ष्मी 
नाश्य-नाश्य मामृणोत्तीर्ण कुरु-कुरु
सम्पदं वर्धय-वर्धय स्वाहा:।
महामंत्र : 3-
पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्।।
महामंत्र : 4-
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:
महामंत्र : 5-
ॐ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये,
धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:।
महामंत्र : 6-
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं अर्ह नम: महालक्ष्म्यै 
धरणेंद्र पद्मावती सहिते हूं श्री नम:।
महामंत्र : 7-
ऊं ह्रीं त्रिं हुं फट
महामंत्र : 8-
ऊं श्रीं, ऊं ह्रीं श्रीं, ऊं ह्रीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय: नम
महामंत्र : 9-
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं त्रिभुवन महालक्ष्म्यै अस्मांक दारिद्र्य नाशय प्रचुर धन देहि देहि क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ ।
महामंत्र : 10-
ॐ श्रीं श्रियै नमः।
इस मंत्र के द्वारा मां लक्ष्मी का आवाहन करना चाहिए-
सर्वलोकस्य जननीं सर्वसौख्यप्रदायिनीम |
सर्वदेवमयीमीशां देवीमावाहयाम्यहम् ||
ॐ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम् | यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम् ||
या
दीपावली पर लक्ष्मी माता को ऐसे करें प्रसन्न :
दिवाली वाले दिन महालक्ष्मी के महामंत्र ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद् श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मयै नम: का कमलगट्टे की माला से कम से कम 108 बार जाप करेंगे तो आपके ऊपर मां लक्ष्‍मी की कृपा बनी रहेगी। दिवाली पर महालक्ष्मी के पूजन में पीली कौड़ियां जरूर रखें। ये महालक्ष्मी की काफी प्रिय मानी जाती है। इससे धन संबंधी सभी परेशानियां दूर होने की मान्यताएं हैं।
दिवाली पूजन सामग्री:-
दीपावली पूजन के लिए जरूरी सामग्री कलावा, रोली, सिंदूर, एक नारियल, अक्षत, लाल वस्त्र , फूल, पांच सुपारी, लौंग, पान के पत्ते, घी, कलश, कलश हेतु आम का पल्लव, चौकी, समिधा, हवन कुण्ड, हवन सामग्री, कमल गट्टे, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल), फल, बताशे, मिठाईयां, पूजा में बैठने हेतु आसन, हल्दी, अगरबत्ती, कुमकुम, इत्र, दीपक, रूई, आरती की थाली। कुशा, रक्त चंदनद, श्रीखंड चंदन।
आदि के साथ विधि विधान पूर्वक पूजन करें|

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